कोरोना वायरस से बचने के लिए बुजुर्ग और बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसे बढ़ाने के लिए सीजनल फल और सब्जियों का प्रयोग करें। घर से बाहर रहने वाली महिलाएं घर लौटें तो तत्काल बच्चों को गोद में न उठाएं। यह कहना है लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह का।
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस उन लोगों पर ज्यादा वार करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसी स्थिति में बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। सांस की बीमारी, मधुमेह, हृदय रोग, हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों पर भी इसका वार ज्यादा होता है।
ऐसी स्थिति में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए रखने की जरूरत है जिससे शरीर वायरस से लड़ सकेे। डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सीजनल फल और सब्जियों का भरपूर प्रयोग करें। प्रोटीन वाले पदार्थ खाएं। सिर्फ दूध पीने के बजाय दूध से बनी चीजें खाते रहना चाहिए। ऐसी कोई जरूरत नहीं है कि महंगे फल खाएं। सस्ते और सीजन में आसानी से उपलब्ध फल पर जोर होना चाहिए।
इन लक्षणों पर ध्यान दें, सतर्क रहें, घबराएं नहीं
- अगर आपको सूखी खांसी हो रही तो यह सिर्फ प्रदूषण के कारण है।
- खांसी के साथ बलगम आ रहा है और नाक बह रही है तो यह एलर्जिक कफ है।
- नाक बह रही, बलगम आ रहा है और खांसी हो रही है यह फ्लू या स्वाइन फ्लू या वायरल हो सकता है।
- तेज बुखार, सूखी खांसी, सांस फूलना और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर सावधान हो जाएं। जांच कराएं, घबराएं नहीं।
ऐसे फैलता है वायरस
जब कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण इधर-उधर गिर जाते हैं। ये टेबल, कुर्सी, दरवाजे के हैंडल आदि पर रह सकते हैं। यहां दूसरे व्यक्ति का हाथ पड़ते ही वे उसे लग जाते हैं। फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं। इसी तरह संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाने पर ये वायरस सांस के रास्ते भी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर थूके नहीं
ये कतई न करें
- यदि आपको खांसी, बुखार है तो किसी के साथ संपर्क में न आएं। भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें। परिवार के लोगों को भी अपने से दूर रखें।
- अपनी आंख, नाक, या मुंह को बार-बार न छुएं।
- सार्वजनिक स्थान पर थूकें नहीं।
ये है बचाव का तरीका
बार-बार हाथ धोते रहें। हाथ गंदे न हों तब भी कुछ देर में उसकी धुलाई कर लें। इसके लिए कोई जरूरी नहीं है कि सेनेटाइजर ढूढे़ं। साबुन पानी से हाथ धुलना भी फायदेमंद है। बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छुएं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। खांसते वक्त रुमाल नहीं है तो कोहनी को मोड़कर मुंह पर लगाएं।
- खांसते और छींकते वक्त टिश्यू या रूमाल का इस्तेमाल करें। फिर इसे बंद डिब्बे में फेंके। इधर-उधर फेंकने से बीमारी दूसरे लोगों में भी फैल सकती है।
- यदि आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत है तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर के पास जाते वक्त मुंह व नाक को कपड़े से ढंक कर रखें। भीड़भाड़ वाली जगह जाने से बचें।