कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम की मानें तो मरीजों में कई ऐसे हैं जो या तो खुद सप्ताह भर में दिल्ली से लौटे या उनके परिवार में कोई आया। मुंबई से लौटने वाले परिवार के भी कुछ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनका डाटा से सामने आया कि दिल्ली, मुंबई से लौटने वाले युवाओं में भले ही लक्षण दिखे हों, लेकिन उनके परिवार में हाई रिस्क श्रेणी के व्यक्ति में चार से छह दिन बाद लक्षण मिले हैं।
वहीं, जून में पॉजिटिव मरीजों के ठीक होने की गति भी बढ़ी है। जिनमें लक्षण थे, उनकी रिपोर्ट आठ से 10 दिन में निगेटिव आ गई। पहले यह औसत 14 से 18 दिन था। इस माह 324 मरीज डिस्चार्ज हुए हैं। इस तरह रोजाना ठीक होने का औसत 12 है। मई में यह औसत छह से सात मरीज था।
बिना लक्षण वाले मरीजों के ठीक होने की गति बढ़ी है। गंभीर मरीज भी घर लौट रहे हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद आवागमन बढ़ने से विभिन्न इलाकों में मरीज मिल रहे हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल कलेक्शन टीम की सक्रियता से वायरस कंट्रोल में है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ