कोटा से प्रतियोगी छात्रों और हरियाणा से मजदूरों को वापस लाने के बाद यूपी सरकार ने सभी राज्यों में फंसे अपने श्रमिकों को वापस लाने का ‘महा अभियान’ छेड़ दिया है। मध्यप्रदेश से 100 बसें करीब 3 हजार श्रमिकों को लेकर बृहस्पतिवार को यूपी रवाना हुईं।
साथ ही यूपी से भी 40 बसों से एमपी के लोगों को भेजा गया है। इसके बाद गुजरात, उत्तराखंड व राजस्थान में रहने वाले प्रदेश के श्रमिकों को वापस लाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले यूपी के श्रमिकों से अपील की है कि वे पैदल यात्रा न करें। जहां हैं, वहीं पर रहें। प्रदेश सरकार सभी की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित राज्य सरकारों के साथ कार्ययोजना बना रही है।
एक-एक कामगार को यूपी लाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को टीम-11 के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश से आने वाली बसें झांसी व प्रयागराज आएंगी। कई बसें झांसी पहुंच चुकी हैं। सीएम ने गुजरात, उत्तराखंड व राजस्थान से भी श्रमिकों को जल्द से जल्द लाने के आदेश दिए। इसकी कार्ययोजना बननी भी शुरू हो गई है।
संभवत: दो से तीन दिनों में उनके आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। वापसी उन्हीं लोगों की संभव होगी, जिनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। जो भी यूपी वापस आना चाहते हैं, वे जिस प्रदेश में हैं वहां के क्वारंटीन सेंटर में रिपोर्ट करें। स्वास्थ्य परीक्षण कराकर नाम, पता और मोबाइल नंबर आदि जानकारी दर्ज करा दें।
दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़ के छात्रों को भी पहुंचाएंगे घर
मुख्यमंत्री ने कोटा और प्रयागराज के बाद दिल्ली में फंसे यूपी के छात्रों, नोएडा और अलीगढ़ में पढ़ रहे विद्यार्थियों कोउनके घर तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। नोएडा व अलीगढ़ के डीएम व एसएसपी छात्र-छात्राओं को उनके गृह जिला भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
वहीं, दिल्ली सरकार से संपर्क कर वहां से छात्रों को लाने का आदेश दिया गया है। दिल्ली सरकार से ऐसे छात्रों की सूची लेने व उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराकर वापस भेजने पर शीघ्र बातचीत होगी।