दुनियाभर में अलग मिठास के लिए मशहूर मलिहाबादी दशहरी का देश की जिन प्रमुख मंडियों से सबसे ज्यादा कारोबार होता है वह सब रेड जोन में हैं। क्षेत्र के बड़े बागबान व दिल्ली मंडी से जुड़े मीनू वर्मा बताते हैं कि 200 करोड़ से भी अधिक का कारोबार दिल्ली मंडी से होता है।
आढ़ती हाफिज हलीम के मुताबिक दिल्ली के बाद महाराष्ट्र की मंडी में भी 100 करोड़ से भी अधिक का कारोबार होता है। दोनों रेड जोन में हैं। ऐसी स्थिति में आम पहुंचेगा, पहुंचेगा तो बिकेगा या नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता। वहां के आढ़ती भी कारोबार को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
मौसम की मार के कारण इस बार 30 या 40 फीसदी ही आम की फसल है। ओले गिरने से बहुत आम की फसल बर्बाद हुई है। तैयार बाग भी नहीं बिक रही। इस बार निर्यात की उम्मीद नजर नहीं आ रही। दूसरे राज्य तो छोड़िए पास की कानपुर मंडी में भी कोरोना संक्रमण का असर है। एससी शुक्ला, राज्य सरकार से सर्वश्रेष्ठ आम उत्पादक का पुरस्कार प्राप्त
- दिल्ली 200 करोड़
- महाराष्ट्र 100 करोड़
- पंजाब 100 (प्रमुख मंडी अमृतसर, जालंधर)
- जम्मू 30
- मध्यप्रदेश 20
- बंगाल 50 करोड़ (प्रमुख मंडी कोलकाता)
- बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों में 100 करोड़
(कारोबार एजेंटों के जरिये होता है।)