फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अस्पताल भेजने की व्यवस्था चरमराई, करना पड़ रहा इंतजार

Mon, 27 Jul 2020 11:55 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लखनऊ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी चरमराने लगी है। इसमें कई-कई दिन लग जा रहे हैं। इतना ही नहीं गंभीर मरीजों को भी लेवल वन और टू के अस्पतालों में भेज दिया जा रहा है, जहां हालत बिगड़ने पर उन्हें दूसरे अस्पताल भेजना पड़ रहा है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पॉजिटिव पाए गए मरीजों को उसी दिन उनकी स्थिति के अनुसार अस्पताल में भेज दिया जा रहा है। लेकिन यह दावा हवाई साबित हो रहा है। चिनहट में शुक्रवार को पॉजिटिव पाए गए 30 वर्षीय युवक को रविवार को भी अस्पताल नहीं भेजा जा सका। कई बार कंट्रोल रूम में फोन करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी नहीं आई।

इसी तरह रायबरेली रोड निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति को 4 दिन बाद भी अस्पताल नहीं पहुंचाया गया तो रविवार को युवक ने होम आइसोलेशन का कार्ड बनवाया। कुछ ऐसी ही हालत दूसरे मरीजों की भी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोन करके वाहन भेजने की सूचना दी जाती है, लेकिन मरीजों तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही है।
विज्ञापन

गंभीर मरीज को दो घंटे में करना पड़ा शिफ्ट

आशियाना स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे केजीएमयू, लोहिया संस्थान या पीजीआई भेजने की मांग की गई। दो दिन इंतजार करने के बाद इस मरीज स्वास्थ्य विभाग ने मरीज को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी भेज दिया। मरीज हृदय रोगी था। उसे किडनी, लिवर से जुड़ी समस्याएं भी थीं। एंबुलेंस उसे इंटीग्रल में छोड़ कर लौटी ही थी कि घंटे भर बाद ही मरीज की हालत गंभीर हो गई। आखिरकार देर रात मरीज को केजीएमयू शिफ्ट करना पड़ा। जहां मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मरीजों की बढ़ी संख्या, फिर भी प्रयास जारी
मरीजों की संख्या बढ़ गई है। फिर भी उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शनिवार को पॉजिटिव पाए गए सभी मरीज अस्पताल पहुंच गए हैं। जो बचे होंगे उन्हें देर रात तक पहुंचा दिया जाएगा। - डॉ आरके चौधरी, प्रभारी सर्विलांस स्वास्थ्य विभाग

कोविड कंट्रोल रूम में 48 घंटे में भी नहीं उठा फोन

लाटूश रोड पर नया गांव ईस्ट निवासी एक स्टेशनरी कारोबारी और उनकी पत्नी दो दिन पहले कोरोना संक्रमित हो गए। वह इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल सेंटर पर 0522 4523000 तथा 0522 2610145 फोन करते रहे, लेकिन फोन नहीं लगा। 48 घंटे में न तो उन्हें अस्पताल भेजा जा सका और न ही कोई सहायता मिली।

कोविड मरीजों को जल्द राहत के लिए गत शुक्रवार को जिला प्रशासन की निगरानी में इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की गई है। 
विज्ञापन

दोनों किडनी फेल, फिर भी भेजा लेवल 2 हॉस्पिटल

मरीज की दोनों किडनी फेल हैं, फिर भी उसे लेवल 2 के हॉस्पिटल में शिफ्ट करा दिया गया। जहां न तो डायलिसिस की सुविधा है और न ही नेफ्रोलॉजिस्ट हैं। परिजन उन्हें डिस्चार्ज करा घर ले गए। मरीज का कहना है कि उन्हें डायलिसिस के लिए डिस्चार्ज कराया गया है। जानकीपुरम सेक्टर जे निवासी कोविड मरीज (50) में 17 जुलाई को संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
 
स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें तीन दिन पहले इंटीग्रल हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया था। डॉक्टर ने डायलिसिस की सलाह देते हुए लेवल 3 के हॉस्पिटल में शिफ्ट करने को कहा। मरीज की हालत गंभीर होने लगी तो घरवालों ने हॉस्पिटल पहुंच विरोध दर्ज कराया। वहीं सीएमओ डॉ. आरपी सिंह का कहना है मरीज को कोविड हॉस्पिटल लेवल 3 में जल्द शिफ्ट कराया जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें