प्रदेश सरकार ने कोविड-19 (कोरोना वायरस) के कारण फैल रही महामारी को आपदा घोषित कर दिया है। इससे सरकार करोना वायरस के संक्रमण से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आपदा राहत कोष से आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सकेगी।
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने कोविड-19 को आपदा घोषित करने के साथ एक माह के लिए उन वस्तुओं के खरीद की मंजूरी दे दी है जो चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के मानक में कोरोना वायरस के उपचार और रोकथाम के लिए आवश्यक है। रेणुका कुमार ने कहा है कि आवश्यक होने पर सरकार इस अवधि को बढ़ा भी सकती है। उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारी तथा अन्य विभाग को यदि स्थानीय स्तर पर इन मेडिकल उपकरणों तथा मेडिकल सामग्री को खरीदना आवश्यक समझते हैं तो इसे खरीदने के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा विभाग की गाइडलाइन के अनुसार खरीद सकेंगे।
राज्य आपदा मोचक निधि से भरण पोषण भत्ते के लिए 225 करोड़ जारी
रेणुका कुमार ने विभिन्न प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियों के प्रभावित होने के कारण दैनिक रूप से काम करने वाले मजदूरों के सामने उत्पन्न भरण-पोषण की समस्या के मद्देनजर 235 करोड़ रुपये जिलाधिकारियों को अग्रिम रूप से उपलब्ध करा दिए हैं। यह रकम राज्य आपदा मोचक निधि से उपलब्ध कराई गई है। इनमें मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, कानपुर नगर, प्रयागराज, झांसी, वाराणसी, गोरखपुर व लखनऊ को 4-4 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अन्य 65 जिलों को तीन-तीन करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
मेडिकल उपकरण खरीद के लिए 13.50 करोड़ जारी
रेणुका कुमार ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए आवश्यक मेडिकल सामग्री व उपकरण खरीदने के लिए 13.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। प्रमुख सचिव राजेश ने कहा है इस राशि से वही उपकरण व मेडिकल संबंधी सामग्री खरीदी जाएंगे जो आवश्यक हूं तथा जिनकी आपूर्ति विभाग से या तो ना हो पा रही हो या पर्याप्त मात्रा में ना हो पा रही हो।