केजीएमयू में संक्रमण रोकने के प्रयास नाकाफी, अब तक 350 से ज्यादा पॉजिटिव
केजीएमयू में कोरोना संक्रमण को रोकने के सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। हालत यह है कि तीन दिन के अंदर 40 से ज्यादा डॉक्टर पॉजिटिव आ चुके हैं।
अब यहां संक्रमित डॉक्टरों व कर्मचारियों का आंकड़ा 350 पार कर गया है। ऐसे में यहां ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों में दहशत है। दस दिन से केजीएमयू प्रशासन विभागवार सभी कर्मचारियों व डॉक्टरों की जांच करवा रहा है।
केजीएमयू में करीब 1500 रेजीडेंट और 500 से अधिक संकाय सदस्य है। कर्मचारियों की संख्या 10 हजार से अधिक है। यहां कोरोना का पहला मामला 20 मार्च को आया था, जब वार्ड में ड्यूटी करते हुए मेडिसिन विभाग का रेजिडेंट संक्रमित हो गया था।
केजीएमयू के कुलपति, प्रति कुलपति, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक सहित कई विभागों के विभागाध्यक्ष, कुलसचिव भी वायरस की चपेट में आ चुके हैं।
वार्ड से लेकर होल्डिंग एरिया तक में आ रहे पॉजिटिव
ट्रॉमा के होल्डिंग एरिया में आने वाले मरीज की पहले जांच की जाती है। पॉजिटिव होने पर वार्ड में भेजा जाता है। ऐसे में होल्डिंग एरिया से लेकर वार्ड तक में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर और कर्मचारी पॉजिटिव आ रहे हैं। अभी मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं हो रहा है, लेकिन माहभर बाद संकट आ सकता है। जिन स्टाफ ने कोरोना वार्ड में ड्यूटी की है। उन्हें अभी दोबारा नहीं बुलाया जा रहा है, लेकिन जिन्होंने होल्डिंग एरिया में ड्यूटी की है वह दूसरी और तीसरी बार ड्यूटी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इन दिनों करीब 60 रेजिडेंट डॉक्टर क्वारंटीन हैं।