राजधानी में बृहस्पतिवार सुबह फ्रंट लाइन वॉरियर्स का कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ। मगर करीब दो घंटे तक सभी बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। हर बूथ पर एक या दो पुलिसकर्मी को ही टीका लग सका। दोपहर तक भी टीकाकरण का ग्राफ न बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बेचैनी बढ़ गई। उन्होंने पुलिसकर्मियों के नंबर पर कॉल करना शुरू किया तो पता चला कोई ड्यूटी पर तैनात था तो कोई नाइट ड्यूटी करके घर पर सो रहा था।
हालांकि स्वास्थ्यकर्मी तय समय पर अपने-अपने बूथ पर पहुंच गए। दोपहर दो बजे तक दस फीसदी फ्रंट लाइन वॉरियर्स को भी टीका नहीं लग सका था। 28 केंद्रों में 98 बूथों पर 12,250 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था।
अलीगंज सीएचसी : 11 बजे तक महज दो को लगा टीका
अलीगंज सीएचसी पर सुबह सुबह 9 बजे स्वास्थ्य कर्मी अपने-अपने बूथ पर पहुंचे थे। सुबह 11 बजे तक यहां पर महज दो पुलिसकर्मियों को टीका लगाया गया। टीकाकरण केंद्र पर सन्नाटा पसरा था। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना था कि पुलिसकर्मी टीका लगवाने के लिए नहीं आए। ऐसे में टीकाकरण का ग्राफ एक प्रतिशत भी दोपहर 12 तक पूरा नहीं हो सका।
सीएम सिक्योरिटी व राजभवन के सुरक्षाकर्मियों में दिखा उत्साह
बीआरडी महानगर में सीएम सिक्योरिटी व राजभवन सुरक्षाकर्मियों में टीकाकरण को लेकर उत्साह दिखा। राजभवन सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी यहां सुबह 9 बजे ही पहुंच गए थे। सुबह 11:30 बजे तक यहां बने दोनों बूथों पर करीब 50 से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका था। कई ऐसे सुरक्षाकर्मी भी पहुंचे जिनके पास टीका लगवाने के लिए मेसेज तक नहीं पहुंचा था। हालांकि उन्हें लौटा दिया गया।
केजीएमयू : दोपहर एक बजे तक 51 लोगों को टीका
केजीएमयू में सबसे अधिक 20 बूथ बनाए गए थे। बावजूद इसके सभी बूथों पर स्वास्थ्यकर्मी खाली बैठे नजर आए। सबसे बड़ी बात यह है कि दोपहर एक बजे तक केजीएमयू में महज 51 पुलिसकर्मियों को टीका लगाया जा सका। मामले की जानकारी अफसरों को हुई तो उनके होश उड़ गए। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने दोपहर बाद यहां का दौरा किया। पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों से संपर्क करके पुलिसकर्मियों को बूथ पर भेजने का अनुरोध किया। इसके बाद भी साढ़े तीन बजे तक 100 लोग की टीका लगवाने पहुंचे थे।