लखनऊ के सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कोरोना हॉटस्पॉट से सटे इलाके डालीगंज के मनकामेश्वर के पास रहने वाले सुरेश यादव (57) को भर्ती नहीं किया गया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी।
अस्पताल में दो इंजेक्शन लगाने बाद उन्हें घर भेज दिया गया। देर शाम अचानक हालत बिगड़ने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। तीमारदार पहले सुरेश को बलरामपुर अस्पताल ले गए।
आरोप है कि वहां गार्ड ने अस्पताल का गेट ही नहीं खोला। काफी देर इंतजार के बाद तीमारदार उन्हें सिविल अस्पताल ले आए। आरोप है कि मरीज को निमोलिएज करने संग दो इंजेक्शन लगाए।
इसके बाद घर भेज दिया। सिविल अस्पताल के निदेशक डीएस नेगी का कहना है कि मरीज को इलाज देकर घर भेजा गया था। उसकी हालत में सुधार हो गया था।