सदर से सबक लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कैसरबाग के लिए भी रणनीति बनाई। लालबाग में मरीज मिलते ही कैसरबाग सब्जी मंडी इलाके पर पहरा बैठा दिया गया।
पहले दिन का सैंपल लेते ही इस इलाके में तीन मरीज मिले। इनमें दो सब्जी विक्रेता और एक जनरल स्टोर संचालक था। इन दोनों के संपर्क वाले 135 लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है।
जिस गति से संख्या बढ़ाई गई, उसी तेजी से मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने उन इलाकों पर ज्यादा फोकस किया, जहां की आबादी घनी थी।
इसमें भी ध्यान रखा गया कि जिन लोगों का रहन-सहन व्यवस्थित नहीं है या एक ही कमरे में कई लोग रहते हैं, उनके सैंपल ज्यादा से ज्यादा लिए गए।
कैसरबाग व उससे जुड़े इलाके में मरीज बढ़ने की वजह सरकारी मशीनरी की ढिलाई भी है। कैसरबाग और मछली मोहाल में जनसंख्या घनत्व अधिक है तो रहन-सहन का स्तर काफी गिरा हुआ है।
यहां 10 मई को 200 और 11 को 308 सैंपल लिए गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वायरस फैल चुका था। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कैसरबाग में बड़ी संख्या में सैंपल लिए, लेकिन यहां शुरुआती दौर में ढिलाई रही।
तीन मई को इसे हॉटस्पॉट घोषित किया गया, पर आवाजाही जारी रही। पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने में नाकामयाब रही। आवागमन पर रोक न लग पाई तो स्वास्थ्य विभाग भी ढीला रहा।
11 मई को 308 सैंपल लिए गए। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉ. एसएन सिंह कहते हैं कि पाबंदी और सैंपल लेने में देरी से हालात बिगड़ते गए।
खदरा इलाके में पहला मरीज दो मई को मिला था। वह भी डायलिसिस का मरीज था। 57 वर्षीय इस व्यक्ति के पॉजिटिव पाए जाने के बाद इलाके के 35 लोगों की जांच कराई गई थी, लेकिन एक भी मरीज पॉजिटिव नहीं मिला था।
कब, कितने सैंपल लिए
3 मई 150, 4 मई 95, 5 मई 103, 6 मई 90, 7 मई 100, 8 मई 110, 9 मई 90, 10 मई 200, 11 मई 308 (आंकड़े पूरी राजधानी के। तीन मई के बाद लिए गए सैंपलों में 80 प्रतिशत कैसरबाग व इससे सटे इलाकों के)
सैंपलों की बढ़ाई संख्या
मरीजोें के परिजन के साथ अगल-बगल के लोगों के सैंपल लिए गए हैं। मरीज बढ़े तो संबंधित इलाके में सैंपल की संख्या भी बढ़ा दी गई है। करीब पांच दिन से ज्यादार सैंपल कैसरबाग और मछली मोहाल से लिए गए हैं। -डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ