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अपार्टमेंट में ज्यादा रही कोरोना की मार, हर सीएचसी क्षेत्र में 12 फीसदी मिले मरीज

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कोरोना की दूसरी लहर में अपार्टमेंट में खूब मिले मरीज। - फोटो : ??? ?????
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अपार्टमेंट में रहने वाले लोग वायरस की चपेट में खूब आए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर सीएचसी क्षेत्र में मिले कुल मरीजों में दस से 12 प्रतिशत संक्रमित अपार्टमेंट में रहने वाले रहे।
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वहीं, पांच इलाकों में सर्वाधिक संक्रमण होने से अपार्टमेंटों में दर भी अधिक रही। इस दौरान कई लोगों की जान भी गई।
अफसरों का कहना है कि अपार्टमेंट में आने-जाने का रास्ता एक, लिफ्ट का अधिक से अधिक इस्तेमाल और कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन न होने के चलते संक्रमण का ग्राफ ज्यादा रहा।
एलडीए, आरडब्ल्यूए व निजी बिल्डर के शहरभर में करीब 220 से अधिक अपार्टमेंट बने हुए हैं। सबसे अधिक अपार्टमेंट गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, चिनहट, अलीगंज, इंदिरा नगर, हजरतगंज इलाके में हैं।
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इन अपार्टमेंटों में आने-जाने का रास्ता एक होने से संक्रमण तेजी से बढ़ा। एक मार्च से 30 जून तक पूरे जिले में 116079 केस सामने आए हैं। इसमें सबसे अधिक संक्रमण अलीगंज इलाके में रहा। यहां 27361 संक्रमित मिले।
इसमें अपार्टमेंटों में रहने वाले करीब 2213 लोग थे। जबकि दूसरे नंबर पर चिनहट इलाका रहा। यहां 19281 मामले सामने आए। गोमतीनगर, विस्तार व चिनहट इलाके के अपार्टमेंटों में कोरोना के करीब 1980 केस थे।
वहीं, इंदिरानगर इलाके में 16280 मरीज मिले। इनमें से 1725 लोग अपार्टमेंट में रहने वाले थे। आलमबाग में 18213 लोग वायरस की चपेट में आए। इसमें 1944 लोग फ्लैटों में रहने वाले थे। सिल्वर जुबली सीएचसी के अधीन 11823 लोग पॉजिटिव मिले।
इसमें 1211 लोग अपार्टमेंटों के थे। इसी तरह हजरतगंज सीएचसी के अधीन मिले कुल 7663 संक्रमितों में से 1012 लोग फ्लैटों में रहने वाले थे। इसी तरह कैसरबाग सीएचसी के अधीन आने वाले 5385 मामलों में से 670 मरीज फ्लैटों में रहने वाले निकले।
अन्य राज्यों से आए लोगों ने बढ़ाई संक्रमण की दर
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन के मुताबिक, दूसरी लहर की शुरूआत में अन्य राज्यों से आए लोगों ने संक्रमण की दर बढ़ाई। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर बिना जांच कराए ही लोग निकल गए। इसमें कई संक्रमित यात्रियों ने पॉश कालोनियों में जाकर एक-दूसरे से मिलकर संक्रमण की नई चेन बना दी। इसे कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व जांच के जरिए तोड़ा गया।
अपार्टमेंट में आने-जाने का रास्ता एक
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अपार्टमेंट में आने-जाने का मार्ग एक था। लिफ्ट का इस्तेमाल भी लगातार करते रहे। होम आइसोलेशन में मरीज के तीमारदारों ने कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं किया। इससे संक्रमण की नई चेन लगातार बनती रही और इसे तोड़ने में कुछ वक्त लगा।
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