अमेठी में जगदीशपुर के सिधियावां व हारीमऊ के बाद भादर ब्लॉक के टीकरमाफी गांव में भी एक माह के दौरान 27 लोगों की मौत होने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले के कई गांवों में बड़ी संख्या में मौतों से ग्रामीण दहशत में हैं। जगदीशपुर के सिधियावां व हारीमऊ के बाद भादर ब्लॉक के टीकरमाफी गांव में भी एक माह के दौरान 27 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है। इनमें दो लोगों ने एल-2 अस्पताल और अन्य ने घर पर ही दम तोड़ दिया।
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भादर ब्लॉक की टीकरमाफी ग्राम पंचायत दुर्गापुर मार्ग पर अमेठी से 10 किलोमीटर पूरब स्थित है। साढ़े छह हजार से अधिक आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में कई पुरवे भी हैं। परमहंस आश्रम होने के कारण इस गांव को पूरे जिले में लोग जानते हैं। इस गांव में पिछले एक माह में एक-एक कर 27 लोगों की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक जिन 27 लोगों की मौत हुई उनमें से मात्र दो की ही कोविड जांच हुई थी।
कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर दोनों को जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। अन्य 25 लोगों की मौत घर पर ही हुई। ग्रामीणों के अनुसार घर पर दम तोड़ने वालों में अधिकांश सर्दी, जुखाम व बुखार से पीड़ित थे। हालांकि इन लोगों ने उपचार के लिए सीएचसी या जिला अस्पताल के बजाए मेडिकल स्टोर संचालकों पर भरोसा किया। इन लोगों की मौत कोरोना से हुई या अन्य बीमारी से, यह स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन एक माह में 27 लोगों की मौत से गांव के लोगों में हड़कंप है।
मृतकों में टीकरमाफी निवासी हामिद चुरिहार, उषा श्रीवास्तव, अब्दुल रसीद (पूर्व ग्राम प्रधान व मौजूदा चुनाव में प्रत्याशी), अमरावती, छोटका, छेेदी मौर्य, पार्वती, रामलाल, अरुण, शिवपती, सोमई, मकसूद टेलर व अलगू, पंचायत के दुरई का पुरवा में भवानी प्रसाद सिंह, राम सेवक प्रजापति, टीड़ी यादव, बृजलाल मौर्य व उनकी पत्नी, कलावती प्रजापति, बिट्टन मौर्या, सीमावती मौर्या, पूरे गंगा मिश्र में आरती शुक्ला व जयराम पाल की पत्नी, इटहना में हौसिला सरोज व रंगीला सरोज तथा पूरे सुक्खा सिंह का पुरवा में सीता व जयराम शामिल हैं।
नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम
टीकरमाफी ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान सरिता सिंह के पति रवींद्र सिंह ने बताया कि गांव में जिन लोगों की मौत हुई उनमें से अधिकांश सर्दी, जुखाम व बुखार से पीड़ित थे। इतने लोगों की मौतों के बावजूद न तो गांव में जांच के लिए कोई स्वास्थ्य टीम आई और न ही गांव को सैनिटाइज कराया गया।
निगरानी समिति की सक्रियता पर सवाल
जिला प्रशासन की ओर से सभी गांव में सर्दी, जुखाम व बुखार के लक्षण वाले व्यक्तियों की जानकारी जुटाने के लिए ग्राम निगरानी समितियों का गठन किया गया है। समिति में लेखपल, आशा बहू, ग्राम प्रधान, कोटेदार व एक संभ्रांत व्यक्ति को शामिल किया। टीकरमाफी के हालात को लेकर निगरानी समिति की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
घर-घर होगी जांच : सीएचसी अधीक्षक
गांव से पांच किलोमीटर दूर स्थित सीएचसी भादर के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार मिश्र ने बताया कि एक ग्राम पंचायत में एक-एक कर 27 लोगों की मौत की सूचना उन्हें नहीं दी गई। इतने लोगों की मौत गंभीर मामला है। चार टीमें गठित कर मंगलवार से घर-घर लोगों की सैंपलिंग कराने के साथ ही बीमार व्यक्तियों को दवा उपलब्ध कराई जाएगी।