लखनऊ में अलीगंज निवासी एक सिपाही ने शुक्रवार को अपनी पत्नी के इशारे पर बुजुर्ग माता-पिता की पिटाई की। मां के कान से सोने का टॉप्स छीन लिया और उन्हें घर से खदेड़ने लगा। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई तो महिला आरक्षी से अभद्रता करके भाग निकला। संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस ने चार घंटे में उसे ढूंढ निकाला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपी सिपाही को निलंबित किया है।
प्रभारी निरीक्षक अजय यादव ने बताया कि पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी जयप्रकाश सिंह त्रिवेणीनगर के आलोकनगर में परिवार के साथ रहता है। उसकी वजीरगंज इलाके में कानून व्यवस्था में ड्यूटी थी। जयप्रकाश ने अपनी पत्नी गीता सिंह के इशारे पर बुजुर्ग माता-पिता से झगड़ना शुरू किया। आरोप है कि उनकी पिटाई की। बुजुर्ग मां के कान से सोने का छीन लिया। इस दौरान पिता बाबूराम ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन करके बेटे व बहू द्वारा पिटाई व लूट की सूचना दी।
पीआरवी की टीम सुबह आठ बजे उनके घर पहुंची। माता-पिता से झगड़ा कर रहे जयप्रकाश को पकड़कर थाने लाया गया। बुजुर्ग बाबूराम प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर लिख रहे थे। इस बीच जयप्रकाश ने थाने में मौजूद महिला आरक्षी से गालीगलौज के साथ अभद्रता की और भाग निकला।
गेस्टहाउस में पुलिस के हत्थे चढ़ा
डेमो
पुलिस ने बाबूराम की तहरीर पर जयप्रकाश और गीता के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज, जानमाल की धमकी, लूट का अभियोग दर्ज करके दंपती को डॉक्टरी मुआयने के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस टीम ने जयप्रकाश की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापामारी की।
वह दोपहर दो बजे गल्लामंडी के पास स्थित एक गेस्टहाउस में पुलिस के हत्थे चढ़ा। इस बीच प्रभारी निरीक्षक ने रिजर्व पुलिस लाइन के निरीक्षक व उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। बुजुर्ग माता-पिता की पिटाई और लूट के मामले में जयप्रकाश की गिरफ्तारी होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने उसे निलंबित कर दिया है।
बच्चों को धैर्य रखना सिखाना होगा
ऐसी घटनाएं युवाओं में खत्म होते धैर्य का उदाहरण हैं। हालात ऐसे तो बद से बदतर होते जाएंगे, यदि हम रिश्तों को संभाल नहीं सकते। बचपन से ही बच्चों को एक-दूसरे का सम्मान करना सीखाना होगा और यह सीख उम्र के साथ-साथ दोहराते रहनी चाहिए। साथ ही धैर्य का महत्व बताना होगा। - डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक