हैलट इमरजेंसी में पिता की मौत के बाद शव छोड़कर भाग रही बेटी को कर्मचारियों ने दौड़ाकर पकड़ा। पुलिस के आने पर आर्थिक तंगी का जो सच सामने आया, उससे सभी का दिल पसीज उठा।
पता चला महिला के पास अंत्येष्टि के रुपये नहीं थे, इसीलिए वह जा रही थी। हैलट चौकी प्रभारी, ईएमओ व अन्य ने रुपये जुटाकर महिला को दिए।
पीरोड गांधी नगर निवासी हरिचरन सिंह (90) काफी समय से बीमार थे। यशोदानगर में रहने वाली उनकी बेटी मोना ने उन्हें हैलट में भर्ती कराया था। हालत कुछ सुधरी तो डॉक्टरों ने घर भेज दिया।
बुधवार को घर में हरिचरन गिर गए तो मोना उन्हें लेकर हैलट पहुंची। डॉक्टरों के मृत घोषित करने पर शव छोड़कर भागने लगी। कर्मचारियों ने पकड़कर पुलिस को सूचना दी।
चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने पूछताछ की। इसके बाद चौकी प्रभारी, ईएमओ डॉ. सुबोध सिंह यादव, पीआरओ पल्लवी शुक्ला, राकेश आदि ने मोना की अपने स्तर से आर्थिक मदद की।