अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता लगातार उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, जमानतदारों को नोटिस, कुर्की वारंट और रिकवरी वारंट के साथ ही पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन दोषी पुलिस की पकड़ से दूर है। उधर, दोषी के एक जमानतदार ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत की राशि जमा कर दी। कोर्ट ने फिर से दोषी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तारीख तय की है।
पत्रावली के अनुसार पेपर मिल काॅलोनी निवासी योगेश मिश्रा ने परिचित कैसरबाग के तालाब गगनी शुक्ल निवासी सैयद समीर मेहंदी को व्यापार के लिए 10 लाख 50 हजार रुपये दिए थे। इसे चुकाने के लिए आरोपी समीर ने योगेश मिश्रा को चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद योगेश मिश्रा ने कोर्ट के सामने मामला दर्ज कराया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 22 जनवरी 2025 को सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जमानत मिल गई और वह फरार हो गया।