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हर बार नया झूठ रच रहे आप के दागी मंत्री, पढ़िए पूरी कहानी

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दिल्ली पुलिस आम आदमी पार्टी की सरकार के पूर्व मंत्री जीतेंद्र सिंह तोमर को पूरी तरह से झूठा साबित करने के लिए हर तरह के सुबूत एकत्रित कर रही है। बुधवार को यह लगभग साफ हो गया कि जीतेंद्र सिंह की बीएससी की डिग्री फर्जी है। अवध विवि ने स्पष्ट कर दिया कि जीतेंद्र सिंह तोमर ने यहां से कभी भी पढ़ाई नहीं की थी।
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बुधवार को दिन में यह प्रक्रिया होने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें शाम को सर्किट हाउस लेकर आई। सर्किट हाउस से निकलकर पुलिस ने जीतेंद्र सिंह तोमर से फैजाबाद घुमाने के लिए कहा।

दिल्ली पुलिस ने उनसे कहा कि वह यह बताएं कि यदि वह यहां रहकर पढ़ाई करते थे तो वहां रहते कहां थे। चाय, नाश्ता, खाना, पीना कहां करते थे। घर से कॉलेज किस मार्ग से आते-जाते थे। कॉलेज आने का उनका माध्यम क्या था। जीतेंद्र सिंह पुलिस के साथ फैजाबाद निकले तो जरूर लेकिन वह उन्हें कुछ दिखा नहीं पाए।
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दूसरे दिन फिर आए कॉलेज

बुधवार को चली लंबी जांच प्रक्रिया के बाद गुरुवार को एक बार फिर से जीतेंद्र सिंह तोमर को उस कॉलेज में लेकर आया गया जहां से उन्होंने पढ़ाई की थी। दिल्ली पुलिस उन्हें कामता प्रसाद इंदर लाल साकेत पोस्ट ग्रुजुएट कॉलेज लेकर आई।

प्राचार्य सुरेंद्र नाथ दुबे और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जीतेंद्र सिंह की मीटिंग एक बार फिर से शुरू हुई। जीतेंद्र सिंह यह बार-बार कहते रहे कि यदि यह डिग्री फर्जी है तो उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं थी।

विवि ही यह बता पाएगा कि उसने मुझे यह फर्जी डिग्री क्यों दी। इधर लगातार दूसरे दिन भी जीतेंद्र सिंह से यह पूछा गया कि वह यह बताएं कि उनकी कक्षाएं कौन सी थीं और वह फिजिक्स-केमेस्ट्री का प्रैक्टिकल इन कमरों में करते थे। कॉलेज के परिसर में आगे-आगे जीतेंद्र सिंह चल रहे थे और पीछे-पीछे दिल्ली पुलिस के अधिकारी और स्कूल प्रशासन के लोग।

जीतेंद्र सिंह कुछ भी सही-सही नहीं बता पाए। वह यह तक नहीं बता पाए कि जिस सत्र में उन्होंने यहां से पढ़ाई की थी उस समय इस कॉलेज का प्राचार्य कौन था। किस शिक्षक ने उनको ये विषय पढ़ाए।

गुरुवार करीब 12 बजे से लेकर 3 बजे तक जीतेंद्र सिंह तोमर कॉलेज कैंपस में रहे। अब दिल्ली पुलिस उन्हें शाम को लखनऊ लेकर आएगी।
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साबित हुआ फर्जी है सर्टिफिकेट

इसके एक दिन पहले बुधवार को यह साबित हो गया था कि आप के पूर्व कानून मंत्री जीतेंद्र सिंह तोमर के सभी प्रमाणपत्र फर्जी हैं। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से बीएससी डिग्री हासिल करने का कोई रिकार्ड नहीं मिला। न ही साकेत पीजी कॉलेज में 1986-87 व 1987-88 में दो वर्षीय इस कोर्स में दाखिला था।

सर्टिफिकेट पर इनरोलमेंट व कुलपति के दस्तखत सब फर्जी पाए गए। दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय में इनरोलमेंट, कुलपति के दस्तखत से लेकर परीक्षा कॉपियां तक खंगाली।

करीब पौने पांच घंटे की सघन पड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस के सोमेंद्र पाल त्यागी ने सभी दस्तावेजों की मूल कॉपी भी हासिल कर ली है। उन्होंने बताया कि आरोपी के सामने सारा परीक्षण हुआ। वे झेंपते रहे ओर कोई जवाब नहीं दे पा रहे थे।
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