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Lucknow News: राम मंदिर ट्रस्ट में इस्तीफे पर बढ़ा विवाद, प्रक्रिया और जवाबदेही पर सवाल

Tue, 07 Jul 2026 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। ट्रस्ट के भीतर इस्तीफे की प्रक्रिया, कोषाध्यक्ष की भूमिका और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच रामनगरी के संतों ने मंदिर की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग भी उठाई है।
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ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने दावा किया कि ट्रस्ट के अधिकांश सदस्य चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे। उनका आरोप है कि बैठक में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की प्रति ट्रस्टियों को नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट डीड में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना इस्तीफा स्वीकार किया गया और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। उनका कहना था कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इस्तीफा किस दबाव में लिया गया, लेकिन उन्हें यह दबाव में लिया गया प्रतीत होता है।
दूसरी ओर, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चंपत राय ने स्वयं नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है, उनसे इस्तीफा नहीं लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चढ़ावा और उसकी गणना की व्यवस्था महासचिव के अधीन थी, जबकि उनकी जिम्मेदारी केवल ट्रस्ट के खातों में जमा धन के लेखा-जोखा तक सीमित है। उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय की किसी प्रकार की आर्थिक संलिप्तता नहीं मिली है और गणनाकर्मियों की नियुक्ति संबंधित बैंक ने की थी। उन्होंने अपने इस्तीफे की संभावना से भी इनकार करते हुए कहा कि उनकी भूमिका अलग है और वह इस्तीफा नहीं देंगे।
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उधर, रामनगरी के संतों ने चंपत राय को निर्दोष बताते हुए उनके नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफे का स्वागत किया, लेकिन मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ संतों की भागीदारी वाली एक स्वतंत्र निगरानी समिति गठित करने की मांग की। उनका कहना है कि संत समाज की सक्रिय भागीदारी से भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है।
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