प्रदेश सरकार ने मार्च 1996 तक नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा पर कार्यरत कर्मियों को विनियिमत करने का फैसला किया है। कर्मचारी संगठन पिछले कई सालों से ये मांग करते आ रहे हैं।
मुख्य सचिव समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। जल्दी ही इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजे जाने की तैयारी है। वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 29 जून 1991 तक नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मी विनियमित किए जा चुके हैं।
इसके बाद विनियमितीकरण पर रोक लगा दी गई थी। बाद में संविदा व दैनिक वेतन के आधार पर विभागों में नियुक्तियां की जाती रहीं। कर्मचारी संगठन सरकार से इस तरह की नियुक्तियों की व्यवस्था समाप्त करने और इस तरह नियुक्त कर्मियों को विनियिमत करने की मांग करते रहे हैं।
शासन ने इस अहम मुद्दे को विचार के लिए मुख्य सचिव समिति के पास भेजा था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने नियिमत रूप से बिना सेवा ब्रेक किए दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मियों को विनियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इन कर्मियों की कट ऑफ डेट 31 मार्च 1996 तय की गई है। शर्त ये है कि ये कर्मी तभी विनियमित किए जाएंगे जब ये अपने पद की अर्हता पूरी करते हों और वर्तमान में भी पद पर कार्यरत हों। इस फैसले से सरकारी विभागों, स्वशासी संस्थाओं व निगमों आदि में कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा व वर्कचार्ज कर्मी फायदा पाएंगे।