बीमार हैं तो दुआ कीजिए। क्योंकि आप जो दवाएं ले रहे हैं वो चॉक, मिट्टी, सेक्रीन और कलर वाले फॉर्मूले से न बनी हो सकती हैं।
चौंकिए नहीं, माफिया इसी फॉर्मूले से दवा तैयार कर दुकानों से लेकर अस्पतालों तक पहुंचा रहे हैं। वह भी नामी कंपनियों की दवाओं की हूबहू पैंकिंग में।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की ड्रग इकाई की ओर से लैब टेस्टिंग के लिए भेजी गई दवाओं के सैम्पल की रिपोर्ट में ये सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं।
विटामिन, एंटीबायोटिक से लेकर जीवनरक्षक दवाएं तक नकली और मिलावटी बनाकर खपाई जा रही हैं। बलरामपुर जिला अस्पताल हो या फिर राम मनोहर लोहिया संयुक्त जिला चिकित्सालय या सीएमओ डिपो से मरीजों को बांटी जाने वाली कई दवाएं लैब में फेल पाई गई हैं।