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बिजली विभाग में चल रहे खेल से उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा बिल में छूट का लाभ

Sun, 14 Jul 2019 02:55 PM IST
Amulya Rastogi नरेश शर्मा, अमर उजाला लखनऊ

सार

  • हर माह बिल पेमेंट     5.10 लाख 
  • ऑनलाइन शामिल     50-60 हजार
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बिजली संकट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केस-एक : जून की छूट जुलाई में मिली
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लेसा ने जून में राजाजीपुरम निवासी पराग गर्ग का 15,384 रुपये का बिजली बिल बनाया। इसे 14 जून तक  जमा करने पर 139 रुपये की छूट थी। पराग 13 जून को बिल जमा करने गए तो ऑपरेटर ने पूरे 15,384 रुपये जमा किए। उपभोक्ता को यह छूट जुलाई में बिल जमा करने पर मिली।

केस-दो : ऑनालइन पेमेंट किया, नहीं दी छूट
11 जून से पहले 4,666 रुपये का बिजली बिल जमा करने पर अलीगंज की रीता रानी अग्रवाल को 43 रुपये की छूट मिल रही थी। इस पर उन्होंने 9 जून को 4,623 रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करने की कोशिश की तो सिस्टम ने इसे स्वीकार नहीं किया। जब छूट सहित 4666 रुपये का भुगतान किया तो यह स्वीकार हो गया।
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विद्युत नियामक आयोग के आदेश के बावजूद उपभोक्ताओं को देय तारीख पर बिजली बिल का भुगतान करने पर तत्काल छूट नहीं मिल पा रही है। लेसा इसके नाम पर खेल कर रहा है। ऐसे उपभोक्ता देय तारीख पर बिल जमा करने पहुंच रहे हैं तो उनसे छूट सहित पूरी रकम वसूल की जा रही है। ये उदाहरण तो बानगी भर हैं। वहीं, तत्काल छूट न पाने वाले उपभोक्ताओं की तादाद ज्यादा। उधर, लेसा अफसरों ने कहा कि देय तारीख पर बिल का भुगतान होने पर सिस्टम को छूट की रकम कम करके ही स्वीकार करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। 

30 दिन मिल रही छूट
लेसा देय तारीख पर बिल जमा करने वालों को तत्काल छूट देने के बजाय 30 दिन बाद छूट दे रहा है। सवाल यह है कि यह सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामी है या फिर नियोजित तरीके से छूट रोककर राजस्व बढ़ाने का खेल किया जा रहा है।

छूट में बड़ा घालमेल

इंदिरानगर के विजय गुप्ता का कहना 13 जुलाई को ऑनलाइन बिल पेमेंट किया तो 25 रुपये की छूट नहीं मिली, जो एजेंसी द्वारा बनाए बिल में थी। उन्होंने इसकी ऑनलाइन शिकायत की और उसकी प्रतिलिपि मुंशी पुलिया खंड के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार को भेजी। विजय को अंदेशा है कि बिल की छूट में बड़ा घालमेल चल रहा है। 

रसीद में छूट की रकम का नहीं ब्योरा
उपभोक्ता की चौखट पर बनने वाले बिजली बिल में छूट की रकम का पूरा ब्योरा होता है। जब उपभोक्ता यह बिल लेसा के सिस्टम पर जमा करता और जो रसीद मिलती उस पर छूट का कोई विवरण नहीं होता है। उपभोक्ता यह रसीद लेकर जब अधिशासी अभियंता या उपखंड अधिकारी के पास जाते तो वह जानकारी देने से मना कर देते हैं।
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मामले की कराएंगे जांच

विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं को देय तारीख पर बिजली बिल का पेमेंट करने पर तुरंत ही छूट देने का प्रावधान किया है। उपभोक्ता को बिल जमा करने के एक माह बाद छूट देने का नियम नहीं है। प्रकरण संज्ञान में आएंगे तो जांच कराई जाएगी। 
- ब्रह्म पाल, निदेशक (वाणिज्य) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ
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