सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या, बस्ती, बहराइच, शाहजहांपुर और फिरोजाबाद में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का काम अक्तूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ये मेडिकल कॉलेज केंद्र सरकार की मदद से बनाए जा रहे हैं।
सीएम ने कहा कि शीघ्र ही वे भी किसी मेडिकल कॉलेज का भ्रमण करेंगे। उन्होंने एटा, गाजीपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, फतेहपुर, हरदोई, देवरिया और सिद्धार्थनगर में निर्माणाधीन दूसरे चरण के आठ स्वशासी राज्य मेडिकल के काम में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा, निर्माण को लेकर समयसारिणी तय कर ली जाए और हर महीने इसके अनुसार समीक्षा भी की जाए।
मुख्यमंत्री सोमवार को लोक भवन में निर्माणाधीन स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रथम चरण में निर्मित हो रहे मेडिकल कॉलेजों में बिजली और पहुंच मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
दूसरे चरण के निर्माणाधीन 8 मेडिकल कॉलेजों में बिजली और पहुंच मार्ग व्यवस्था सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी अभी से शुरू कर दी जाए। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में लखनऊ में प्रस्तावित चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिए जल्द भूमि की व्यवस्था करने के लिए भी कहा।
ट्रिपल पी मोड में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा
योगी ने मेडिकल कॉलेजों में पीजीआई पैटर्न को चरणबद्ध ढंग से लागू किए जाने के लिए भी तैयारी के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई, सीटी स्कैन और कलर डॉप्लर जाचों की व्यवस्था ट्रिपल पी मोड में किए जाने पर भी जोर दिया।
ई-टेंडरिंग का होगा ऑडिट
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय समेत किसी भी कार्यालय में पत्रावली तीन दिन से अधिक लंबित न रहे। प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त तैयार करके लिए गए निर्णयों की समीक्षा की जाए। लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्थाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया और ई-टेंडरिंग की व्यवस्था का ऑडिट कराए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को विभाग में कार्य की गुणवत्ता को सुधारने और लाइन लॉस नियंत्रित करने के भी निर्देश दिए।
प्रथम चरण के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू
बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने कहा कि प्रथम चरण में बनने वाले मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो गई है। इन मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र सरकार से कुल 977 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।
इसमें से 872 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। दूसरे चरण के 8 मेडिकल कॉलेजों के लिए 400 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इसमें से 134 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, चेयरमैन यूपीपीसीएल आलोक कुमार, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य दीपक कुमार, प्रमुख सचिव अवस्थापना व औद्योगिक विकास राजेश कुमार सिंह समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।