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सिपाही भर्ती परीक्षा: टेलीग्राम पर पेपर आउट होने का झांसा दे ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एसटीएफ ने दबोचा

Sun, 25 Aug 2024 10:55 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Constable Recruitment Exam: यूपी एसटीएफ ने सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर आउट कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर एक शातिर को गिरफ्तार किया है। 
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यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसटीएफ की टीम ने सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर आउट कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर एक शातिर को गिरफ्तार किया है। गाजीपुर थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपी टेलीग्राम एप पर चैनल बनाकर लोगों को पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करता था। गिरोह के मास्टरमाइंड समेत अन्य सदस्यों की तलाश में एसटीएफ लगी है।
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एसटीएफ एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे राजकीय पॉलीटेक्निक गेट के पास से भदोही के सुरियावां निवासी अनिरुद्ध मोदनवाल को गिरफ्तार किया है। तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी up police constable paper leak नाम से टेलीग्राम पर बनाए गए चैनल का एडमिन है। चैनल पर सैकड़ों लोग जुड़े हैं। इस पर आरोपी ने एक फर्जी प्रश्न पत्र भेजा। दावा किया कि सिपाही भर्ती परीक्षा का ये पेपर है। यही आएगा। झांसा देकर कई लोगों से रकम ऐंठी। शनिवार को आरोपी कोर्ट में पेश किया गया। जहां से वह जेल भेजा गया।



फेक आईडी पर सिम, ऑनलाइन ली रकम
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड अभय कुमार श्रीवास्तव नाम का शख्स है। उसी ने उसको फेक आईडी पर प्रीएक्टिवेटेड सिम मुहैया कराया था। एयरटेल पेमेंट बैंक का एप डाउनलोड कराया। फिर टेलीग्राम चैनल का संचालन करने को कहा था। इसमें अनिरुद्ध का दोस्त मन्नू अग्रवाल भी लगा हुआ था। टेलीग्राम चैनल पर ही क्यूआर कोड व फोन-पे की डिटेल साझा की गई थी। जिस पर लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए।
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इस तरह बना गिरोह, एक-एक लाख रुपये वसूले
आरोपी अनिरुद्ध 12वीं पास है। पूछताछ में उसने बताया कि वह पार्ट टाइम जॉब की तलाश में था। इस दौरान जिस टेलीग्राम ग्रुप Earn Money Online से वह जुड़ा था, उसमें पार्ट टाइम जॉब संबंधी डिटेल डाली गई। इस पर अनिरुद्ध ने इच्छा जाहिर की। इस ग्रुप का एडमिन अभय श्रीवास्तव ही था। उसने अनिरुद्ध को लखनऊ बुलाया। तब उसने उसको यूपी पुलिस पेपर लीक संबंधी टेलीग्राम चैनल संचालित करने की जिम्मेदारी दी थी। प्रत्येक लोगों से एक-एक लाख रुपये वसूले।

एसटीएफ ऐसे पहुंची आरोपी तक
ग्रुप बनने के बाद पुलिस आरक्षी भर्ती-2023 के तमाम अभ्यर्थी उसमें मैसेज करने लगे। अनिरुद्ध ने क्यूआर कोड व फोन-पे की डिटेल साझा की। तमाम लोग पैसे भेजने लगे। जब पेपर देने का दबाव बनाया तो गूगल से डाउनलोड कर पुराना एक पेपर एडिट कर तैयार किया और सभी को भेज दिया। एसटीएफ को जब शिकायत मिली तो साइबर एक्सपर्ट की टीम लगाई गई। पता चला कि इस चैनल को paperbot7 यूजर आईडी से ऑपरेट किया जा रहा है। आईपी एड्रेस ट्रेस करते हुए एसटीएफ अनिरुद्ध तक पहुंची।
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