सिपाही भर्ती 2018 के चयनित अभ्यर्थियां का प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो जाएगा, जबकि इसके लिए की गई तैयारियां आधी अधूरी ही है।
प्रारंभिक प्रशिक्षण (जेटीसी) वैसे तो 8 से 25 अप्रैल के बीच होना था, लेकिन कई जिलों में अब तक नए रंगरूटों को नियुक्ति पत्र ही नहीं दिया गया है। ऐसे में वे अभ्यर्थी परेशान हैं, जिन्हें प्रशिक्षण की तिथि तो बता दी गई, लेकिन नियुक्ति पत्र अब तक नहीं दिया गया है।
बता दें, चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने से पहले उसके गृह जनपद के पुलिस लाइन में उसका मेडिकल टेस्ट व पुलिस चरित्र सत्यापन होता है। इसमें उसे वर्दी पहनने के साथ ही अन्य व्यवहारिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
इसके बाद नियुक्ति पत्र देकर अभ्यर्थी को छह माह के आधारभूत प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। मगर अभी तक की प्रक्रिया निर्धारित अवधि से देरी से चल रही है। जौनपुर के एक अभ्यर्थी ने बताया कि उसका मेडिकल व पुलिस चरित्र सत्यापन हो चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।
जबकि 29 अप्रैल को प्रशिक्षण केंद्र पहुंचने के लिए कहा गया है। इसी तरह बिजनौर के एक अभ्यर्थी को ट्रेनिंग के लिए सीतापुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र आवंटित किया गया, लेकिन अभी तक उसे नियुक्ति पत्र नहीं मिला है।
वहीं, कई जिलों में सीएमओ कार्यालय से मेडिकल प्रमाणपत्र मिलने में विलंब की वजह से नियुक्ति पत्र जारी करने में देरी हो रही है। ऐसे जिलों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए मंडल स्तर व रेंज स्तर से कमिश्नर व आईजी को समन्वय बनाने की जिम्मेदारी दी गई।
बता दें, प्रदेश में सिपाही के 41,520 पदों के लिए जनवरी 2018 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया इस साल फरवरी में पूरी हुई थी। इनमें 23,520 नागरिक पुलिस के सिपाही और 18000 पीएसी के सिपाही शामिल थे।
प्रशिक्षण की क्षमता कम होने के कारण चयनित अभ्यर्थियों को दो भागों में प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया। पहले नागरिक पुलिस के 23,520 चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए 29 अप्रैल से बुलाया गया, जबकि शेष 18,000 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 11 नवंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।