रायबरेली। जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े में शातिरों के तार मुंबई (महाराष्ट्र) से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। जिले के सलोन सीएचसी से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर मुंबई में पासपोर्ट बनवाने की साजिश पकड़ी गई है। मुंबई के कांदिवली थाने की जांच में संदिग्ध प्रमाणपत्र मिले। दंपती को समसपुर खालसा गांव का निवासी दिखाकर सलोन से फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। जांच के बाद सीएमओ ने रिपोर्ट मुंबई पुलिस को भेजी है।
मुंबई के कमरा नंबर-3, फैजाने रसुल सोसायटी, संजय नगर सुंदरगली-2, कांदिवली वेस्ट निवासी अमिर अली हसन शेख ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। 2004 के शासनादेश के अनुसार, पासपोर्ट बनवाने के लिए माता-पिता का जन्म प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य है। आमिर ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन के साथ पिता अली हसन शेख और मां मुमताज शेख का जन्म प्रमाणपत्र लगाया।
मुंबई के कांदिवली पुलिस ने आवेदन की जांच की और क्यूआर कोड के माध्यम से दंपती के जन्म प्रमाणपत्रों को खंगाला। दोनों प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की आशंका पर कांदिवली थाने के पुलिस निरीक्षक सदाशिव सावंत ने सीएमओ को पत्र भेजकर प्रमाणपत्रों की जांच का अनुरोध किया था। सीएमओ ने सलोन सीएचसी से दोनों प्रमाणपत्रों की जांच कराई।
प्रमाणपत्रों में दंपती को सलोन के ही समसपुर खालसा गांव का निवासी दिखाया गया, लेकिन इस नाम के व्यक्ति गांव में नहीं मिले। दोनों प्रमाणपत्र सलोन सीएचसी अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से जारी किए गए थे। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद सीएमओ ने मुंबई पुलिस को रिपोर्ट भेज दी है।
तीनों शातिरों के तार रायबरेली से जुड़े
मुंबई के कांदिवली पुलिस ने 11 नवंबर 2023 को आरोपी सूर्य प्रताप सिंह, तैयब जकी अहमद और बबलू कुमार पासी को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने में पकड़ा था। तीनों के तार रायबरेली के सलोन से जुड़े थे। तीन-तीन सौ रुपये में लोगों के फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का काम करते थे। तीनों शातिरों के पकड़ में आने के बाद पासपोर्ट बनवाने के लिए आने वाले आवेदनों की जांच कांदिवली पुलिस ने गहनता से करनी शुरू कर दी थी। इसी के बाद आमिर के माता-पिता के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पकड़ में आए।
सलोन में मिल चुके 19,426 फर्जी प्रमाणपत्र
बीती जुलाई माह में सलोन ब्लॉक के गांवों में आरोपी वीडीओ विजय सिंह यादव की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर जन्म प्रमाणपत्रों बनाने का खुलासा हुआ था। लहुरेपुर, सिरसिरा, नुरुद्दीनपुर, गोपालपुर उर्फ अनंतपुर, कालू जलालपुर, गढ़ी इस्लामनगर गांवों की जांच में 19426 फर्जी प्रमाणपत्र मिले हैं। मामले की जांच यूपी एटीएस पहले से कर रही है। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी जांच शुरू कर दी है। सलोन के छह और गांवों की जांच जल्द होना बाकी है।
मुंबई में पासपोर्ट बनवाने के लिए लगाए गए दंपती के जन्म प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई है। दोनों प्रमाणपत्र सलोन सीएचसी से जारी नहीं किए गए। समसपुर खालसा गांव में संबंधित नाम के लोग भी नहीं मिले। प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट मुंबई के कांदिवली पुलिस को भेजी गई है।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ