लखनऊ। डीजल-पेट्रोल के संभावित संकट को देखते हुए पीएम मोदी की अपील के बाद राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें मेट्रो सबसे बड़ी मददगार बनेगी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को आयुक्त सभागार में हुई बैठक में मेट्रो और सिटी ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के आसपास पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, फीडर व शटल बस सेवा शुरू करने, ई-बस रूट पुनर्गठित करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। नगर निगम को 15 जून तक पार्किंग स्थलों की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
मंडलायुक्त ने कहा कि मेट्रो स्टेशन और सिटी ट्रांसपोर्ट सेवाओं के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी जरूरी है, ताकि लोग निजी वाहनों पर कम निर्भर रहें और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करें। उन्होंने सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के आसपास फीडर बस सेवा, पार्किंग और यातायात प्रबंधन का सर्वे कर समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में एमडी यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन सुशील कुमार, आरएम सिटी ट्रांसपोर्ट सहित वर्चुअल माध्यम से डीएम विशाख जी, नगर आयुक्त गौरव कुमार, डीसीपी ट्रैफिक, आरटीओ प्रवर्तन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पार्किंग व्यवस्था को अंतिम रूप देने के निर्देश
बैठक में यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी सुशील कुमार ने बताया कि मेट्रो का उपयोग बढ़ाने के लिए स्टेशनों आसपास पार्किंग सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि पार्किंग स्थलों के विकास के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 15 जून तक टेंडर प्रकाशित कर दिए जाएंगे।
मेट्रो स्टेशनों तक शटल बस सेवा
बैठक में प्रमुख लोड पॉइंट्स और कार्यालय समय के अनुसार चयनित स्थानों से निकटतम मेट्रो स्टेशनों तक शटल बस सेवा शुरू कराने के भी निर्देश आरएम सिटी ट्रांसपोर्ट को दिए गए। सरकारी कर्मचारियों, कॉलेज-विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्कूल विद्यार्थियों को मेट्रो से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मेट्रो से जाएगा ई-कॉमर्स कंपनियों का सामान
फ्लिपकार्ट, ब्लिंकिट और अमेजन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को बल्क सामान के परिवहन के लिए मेट्रो का उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि सड़क यातायात का दबाव कम हो सके। साथ ही नगर निगम को मेट्रो स्टेशनों के आसपास अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाने तथा स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सड़क मरम्मत कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।