जंगल विभाग में आजकल यमुना कनेक्शन जोरों पर चल रहा है। विभाग में एक अधिकारी कई पदों पर जमे हैं तो शासन में बैठे मुखिया भी कई पदों का जिम्मा संभाल रहे हैं।
हो भी क्यों ना, घर के लोग तो घर के ही होते हैं। पिछले दिनों विभाग में एक अफसर के कई पदों पर बने रहने को लेकर चर्चा थी। अफसर कहते हममें ऐसा क्या नहीं है जो उनमें है।
जब उन्होंने अपना दर्द एक अफसर से बयां किया तो उन्होंने बताया कि उन अफसर के पास यमुना कनेक्शन है। साहब ने उत्सुकता से पूछ ही लिया कि ये यमुना क्या है।
नदी या शहर। या कोई और। तो दूसरे साहब ने तपाक से कहा कि आप खुद ही समझें कि शासन और निगम में क्या कनेक्शन है। यह तो यमुनानगर का कनेक्शन है। समझे ना।