पार्टी का मानना है कि प्रदेश में भाजपा की सत्ता होने से अभी ब्राह्मण खुलकर उसके साथ नहीं आ सकता, लेकिन मुसीबत में ब्राह्मण जाति के साथ खड़े होने पर भविष्य में सहानुभूति जरूर मिलेगी। हाईकमान ने नेताओं से कहा है कि वे उन भावनात्मक मुद्दों को चिह्नित करें, जिन्हें उठाने से कांग्रेस का जातिगत आधार बढ़ेगा।
अल्पसंख्यकों को भी लगे कि कांग्रेस उनकी मुसीबत में साथ दे सकती है। रणनीतिकारों का मानना है कि जनता अब भाजपा का विकल्प भी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को ही मानेगी, बशर्ते कांग्रेस उसे जमीन पर लड़ते हुए और मजबूत होती दिखे।