अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने हर जिले में सौ ऐसे जुझारू कार्यकर्ताओं की टीम बनाने के निर्देश दिए हैं जो किसी भी वक्त उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने यह काम 23 सितंबर तक पूरा करने को कहा। 24 सितंबर को वह इसकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, कठिन समय जरूर है लेकिन कांग्रेसी जनता के संघर्षों की अगुवाई करें और लाठी-डंडे खाने में पीछे न रहें।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को नवनिर्वाचित जिला और शहर अध्यक्षों की बैठक में मधुसूदन मिस्त्री ने उनमें जोश भरने की पूरी कोशिश की।
गांव-गांव में पहुंचेगा कांग्रेस का इतिहास
मधुसूदन मिस्त्री ने कहा, कांग्रेस का इतिहास संघर्षों का रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में नतीजे भले हमारे अनुकूल न रहे हों लेकिन कांग्रेस की जड़ें बहुत गहरी हैं।
सभी जिला और शहर अध्यक्ष सौ-सौ लोगों की मजबूत टीम खड़ी करें। ये जंगजू कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ की तरह काम करेंगे। उन्होंने अध्यक्षों से यह भी कहा कि वे शीघ्र ही ब्लाक इकाइयों का गठन कर लें। गांव-गांव में कांग्रेस का इतिहास पहुंचाएं।
सौ कार्यकर्ताओं की सूची और ब्लाक इकाइयों के गठन के लिए उन्होंने 20 दिन का समय दिया है। 24 सितंबर को फिर जिला-शहर अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। 25 सितंबर को एनएसयूआई और अन्य फ्रंटल संगठनों की बैठक होगी।
हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देना मकसद
मिस्त्री ने कहा कि जिलाध्यक्षों में बहुत सारे चेहरे नए हैं, कुछ महिलाएं भी हैं। सभी अपने जिलों की समस्याओं को लेकर आंदोलन करें। प्रदेश स्तर से भी उनके यहां नेताओं को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार सभी मोर्चों पर विफल हो गई है।
शायद यही वजह है कि समाज में सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण की कोशिश की जा रही है। लोगों को बताएं कि भाजपा हर छोटी-बड़ी घटना को सांप्रदायिक रंग देना चाहती है। उनकी योजना हर स्तर पर झगड़े कराने की है।
योजनाओं को लागू करना होगा
प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा, संगठन को गतिशील बनाने के लिए प्लानिंग के साथ ही उसके क्रियान्वयन का सबसे अहम रोल होता है। प्रदेश स्तर पर संगठन के फैसलों का क्रियान्वयन जिला और शहर अध्यक्षों को करना है।
उन्होंने सभी से जनसमस्याओं के लिए संघर्ष करने और आम लोगों को पार्टी से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में कांग्रेस के प्रदेश सहप्रभारी और विधायक दल के नेता भी मौजूद थे।