भले ही आम चुनाव में हार के बाद पार्टी के भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हों लेकिन कांग्रेस ने नई शुरूआत के लिए योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं।
उत्तर प्रदेश में 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस अकेले सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह संकेत खुद कांग्रेस के यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने दिए।
उन्होंने कहा कि फिलहाल उम्मीद यही है कि हम सभी सीटों पर खुद चुनाव लड़ेंगे। अपने दो दिनों के दौरे पर लखनऊ पहुंचे प्रदेश प्रभारी ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की नब्ज टटोली।
दरअसल, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राष्ट्रीय लोकदल व महान दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन अब उपचुनाव अकेले लड़ने की बात हो रही है।
हार से नहीं उबर सकी है पार्टी
मधुसूदन मिस्त्री ने माना कि अभी कांग्रेस अपनी हार से उबर नहीं पाई है। इन सबके बावजूद कांग्रेस हताश नहीं है। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश में फिर से संगठन को खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं।
मिस्त्री ने मंगलवार को निवर्तमान जोनल प्रभारियों व पूर्व पदाधिकारियों के अलावा कांग्रेस विधायकों से भी मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि विधायक सदन के अंदर सरकार को घेरने में कोई कोर-कसर न छोड़ें। प्रदेश में कानून व्यवस्था व बिजली की हालत खराब है। इस मुद्दे पर सदन के अंदर व बाहर दोनों जगह विरोध किया जाए।
इन सीटों पर होना है उपचुनाव
कैराना, बिजनौर, ठाकुरद्वारा, नोएडा, सहारनपुर, चरखारी, लखनऊ पूर्व, हमीरपुर, निघासन, बलहा, सिराथू, रोहनिया।
प्रदेश प्रभारी ने यह भी बताया कि कहा कि जिला कमेटियों का गठन 25 जुलाई तक हो जाएगा। इसलिए सह प्रभारियों को जिलों में दौरे के लिए भेज दिया गया है। वे वहां जाकर जिला कांग्रेस कमेटी के लिए नाम देंगे।
जहां पर सर्वसम्मति से जिला कमेटियों का चयन हो जाएगा वहां चुनाव नहीं कराए जाएंगे। विवाद वाली स्थिति में ही चुनाव कराए जाएंगे।
मिस्त्री ने माना कि जिला व शहर कांग्रेस कमेटियों में कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर उन्हें बैठाने से नुकसान ज्यादा हुआ है। इससे गुटबाजी और बढ़ गई। हालांकि जिलों की गुटबाजी जिले के कांग्रेस नेतृत्व को ही खत्म करनी होगी। उसमें प्रदेश का नेतृत्व कोई दखल नहीं देगा।