सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के साथ कांग्रेस होती तो बेहतर नहीं होता?
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूरे प्रयास किए कि भाजपा विरोधी शक्तियां एक हो जाएं, लेकिन बात नहीं बन सकी।
राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि कांग्रेस को यूपी में अधिकतम 10 सीटें मिलेंगी?
(हंसते हुए) अभी तक लोग हमें प्रदेश में दो ही सीटें दे रहे थे। पहले दो चरण के बाद उन्होंने हमारी गिनती बढ़ा दी है। सातवां चरण आते-आते वे ही बता देंगे कि हम यहां वर्ष 2009 से भी अच्छी स्थिति में रहेंगे।
प्रियंका फैक्टर कितना लाभदायी साबित हो रहा है?
कार्यकर्ता उत्साह में हैं। शीर्ष नेतृत्व आम कार्यकर्ता से मिलता है तो उसका जोश दोगुना हो जाता है। कार्यकर्ता चाहते हैं कि प्रियंका सक्रिय चुनावी राजनीति में भी आएं।
राफेल पर राहुल गांधी के बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने भी नोटिस भेजा है?
मुझे नहीं मालूम, राहुल जी ने क्या कहा और सुप्रीम कोर्ट ने उसका क्या संज्ञान लिया।
कहा जा रहा है कि कांग्रेस के प्रत्याशी भानुमती के कुनबे सरीखे हैं?
वजनदार प्रत्याशी देना भी एक मजबूरी होती है। पिछली बार भाजपा ने भी बड़ी संख्या में दूसरे दलों के नेताओं को अपना प्रत्याशी बनाया था।
कांग्रेस का बीएमटी (ब्राह्मण, मुसलमान, ठाकुर) फैक्टर कितना कारगर साबित हो रहा है?
कांग्रेस का इतिहास सभी को साथ लेकर चलने का रहा है। मैं उसे बीएमडब्ल्यू फैक्टर कहना ज्यादा उचित मानता हूं। यानी, ब्राह्मण, मुसलमान और वीकर सेक्शन (कमजोर वर्ग)। कमजोर वर्ग के तहत अनुसूचित जाति, पिछड़े व गरीब सभी आ जाते हैं। कांग्रेस ने ब्राह्मण प्रत्याशी ज्यादा उतारे हैं, इसलिए अब ब्राह्मणों को भी अपनी पुरानी पार्टी में वापस आ जाना चाहिए। नतीजे बता देंगे कि बीएमडब्ल्यू फैक्टर ही प्रभावी रहा।
आपकी पार्टी के कुछ नेताओं पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने पैसे लेकर टिकट दिलवाने की पैरवी की।
जिसका टिकट कटता है, वे ऐसे आरोप लगाते हैं। अगर पुख्ता सुबूत के साथ मामला सामने आएगा तो कठोर कार्रवाई होगी।