प्रदेश कांग्रेस के एक बड़े नेता पर 20 लाख रुपये लेकर लोकसभा का टिकट देने का आरोप लगा है। मामला पार्टी हाईकमान तक पहुंच चुका है। पार्टी हाईकमान ने नेताजी को 23 मार्च को दिल्ली में तलब किया है। माना जा रहा है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
जिस सीट के लिए इन कद्दावर नेता पर रुपये लेकर पैरवी करने का आरोप लगाया गया है, वो पूर्वी यूपी में है। कांग्रेस की दूसरी सूची में वहां से प्रत्याशी घोषित किया गया था। शिकायतकर्ता ने विभिन्न माध्यमों से अपनी शिकायत हाईकमान तक पहुंचाई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के ही कई जनप्रतिनिधियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करा लेने का सुझाव हाईकमान को दिया है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि जिस प्रत्याशी को उस सीट पर उतारा गया है, वह काफी कमजोर है। जातिगत समीकरण भी उसके ज्यादा अनुकूल नहीं बताए जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के एक बड़े पदाधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि जब यह मामला कई माध्यमों से हाईकमान तक पहुंचा तो इसे काफी गंभीरता से लिया गया। शिकायत करने वाला भी कांग्रेस का ही कार्यकर्ता है। वह खुद पहले भी चुनाव लड़ चुका है। शुरुआती फीडबैक में गड़बड़ी की आशंका मिलने पर हाईकमान ने होली के तत्काल बाद शनिवार को शिकायतकर्ता के साथ-साथ नेताजी को भी दिल्ली स्थित कांग्रेस दफ्तर में तलब किया है। इन दोनों से बातचीत के बाद प्रत्याशी से भी बात होगी। सूत्रों की मानें, तो इस मामले में हाईकमान बड़ी कार्रवाई कर सकता है, ताकि आम कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही कह चुके हैं कि टिकट देने से पहले जातिगत समीकरण और प्रत्याशी की छवि समेत तमाम बिंदुओं पर गंभीरता से मनन कर लेना चाहिए। उसके बाद ही पैनल में किसी का नाम शामिल करना चाहिए।