उत्तर प्रदेश में नौ सीटों पर उपचुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज है। एक भी सीट पर चुनाव न लड़ने वाली कांग्रेस पार्टी सपा को जिताने के लिए रात-दिन एक करेगी। इसके लिए पार्टी की तरफ से हर सीट पर समन्वय समिति का गठन किया गया है। जो सपा यानी इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी को जिताने के लिए मेहनत करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने उपचुनावों के लिए समन्वय समिति का गठन कर दिया है। उपचुनाव की सभी सीटों पर अलग-अलग कमेटी बनाई गई है। विधानसभावार गठित इस समन्वय समिति को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन लोगों को दी गई जिम्मेदारी
यह समिति अपनी-अपनी सीटों पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों से समन्वय करेगी। उनकी विजय सुनिश्चित करने में अपनी भूमिका निभाएगी। हर सीट पर छह से आठ पदाधिकारियों को लगाया गया है। इसमें राष्ट्रीय सचिवों को प्रभारी बनाया गया है, जबकि सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष आदि को समिति सदस्य नामित किया गया है।
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एक भी सीट पर नहीं उतरेगा कांग्रेस का प्रत्याशी
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान किया जाएगा। गुरुवार को सत्ताधारी भाजपा ने दो सूची जारी करके आठ उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया। उधर, समाजवादी पार्टी ने बची हुई 'खैर' और 'गाजियाबाद' की सीट पर भी अपने उम्मीदवार उतार दिए। इससे पहले पहले बुधवार को अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि विपक्षी गठबंधन के सभी नौ उम्मीदवार सपा के निशान पर उतारे जाएंगे।
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सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच बातचीत के बाद कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी न उतारने का निर्णय लिया गया। बता दें कि सपा ने उपचुनाव में कांग्रेस को गाजियाबाद और खैर सीट दी थी। लेकिन, कांग्रेस पांच सीटें लेने पर अड़ी हुई थी। अब यह बात साफ हो गई है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस दावेदारी नहीं करेगी।