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'महिलाओं का अपमान किया तो चप्पलों से मारूंगी'

Mon, 30 Mar 2015 10:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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नगर निगम सदन में सोमवार को कांग्रेस की महिला पार्षद ममता चौधरी के खिलाफ सपा के अतुल यादव बंटू ने अभूतपूर्व वाक युद्ध की स्थिति पैदा कर दी।
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स्वाइन फ्लू फैलने के बाद शहर में नगर निगम के सूअर पकड़ो अभियान सवाल उठाते हुए ममता चौधरी ने अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कहीं भी सूअर नहीं पकड़े गए हैं। अकेले करहेटा के 400 से अधिक सूअरों का अवैध पालन किया जाता है।

ममता जब बोल रहीं थीं, उसी बीच रामतीर्थ वार्ड से सपा पार्षद अतुल यादव बंटू खड़े हो गए और उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी पर लगाए गए आरोपों का साक्ष्य ममता से मांगा। जिस पर दोनों ही लोगों के बीच तीखे वाक्यबाण चलने लगे।
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इस बीच में अतुल यादव बंटू ने ममता को सदन से बाहर करने की मांग कर दी। इसके बाद में बाकी सदस्य भड़क उठे। इसे महिला पार्षद का अपमान कहा गया। बाद में अतुल यादव खुद ही सदन से नौ दौ ग्यारह हो गए।

सूअर पकड़ों अभियान में भ्रष्टाचार

सदन खत्म होने पर ममता ने मीडिया के सामने कहा कि, अगर अगली बार से उनके या किसी भी महिला पार्षद के साथ अपमानजनक बात कही तो वे चप्पलों से बंटू यादव को मारेंगी। दूसरी ओर, बंटू यादव ने ममता चौधरी के इस बयान पर कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

सदन में उस वक्त जबरदस्त हंगामे की स्थिति पैदा हो गई जब, ममता चौधरी ने सूअर पकड़ों अभियान में भ्रष्टाचार का सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि, पकड़े गए सूअरों की कोई सूची पार्षदों को नहीं सौंपी गई है। सूअर पालकों के साथ अधिकारी मिले हुए हैं। सूअर पकड़े नहीं जा रहे हैं। मुझे कितने सूअर पकड़े गए इसकी सूचना दी जाये।

अधिकारी इसका रुपया खा जाते हैं। जिस पर अचानक सपा पार्षद अतुल यादव बंटू खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि, आपके पास इसका क्या साक्ष्य है। गर्मागर्मी बढ़ती चली गई। दोनों सदस्य वेल में आ गए। वरिष्ठ पार्षदों ने बीचबचाव की कोशिश की मगर बात नहीं बनी।
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...और बढ़ गया हंगामा

अतुल यादव ने ममता चौधरी को सदन से निकाल देने की बात कह दी। इसके बाद तो हंगामा और भी बढ़ गया। महापौर ने सदस्यों को नसीहत दी कि वे मर्यादा में रहे। इसके कुछ देर बाद में अतुल यादव चुपचाप सदन से चले गए और आगे की कार्यवाही में भाग नहीं लिया।

पार्षद ममता चौधरी का कहना है कि मैं तो महिलाओं की ताकत का अहसास बंटू यादव को करा दूंगी। अगर मेरी या किसी अन्य महिला पार्षद का अपमान सदन में किया गया तो चप्पलों से मारूंगी। भ्रष्टचार के खिलाफ आवाज उठाने पर अधिकारियों के पक्ष में बोलने का कोई मतलब नहीं था।

वहीं, अतुल यादव बंटू का कहना है कि मैं इस मुद्दे पर कुछ बोलना नहीं चाहता हूं। बेमतलब की बातों पर अपना पक्ष नहीं दूंगा।
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