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महाशिवरात्रि की तिथि को लेकर असमंजस, यहां जानें ज्योतिषाचार्यों की राय

Mon, 05 Feb 2018 01:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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महाशिवरात्रि की तिथि ने इस बार शिवभक्तों को सोच विचार में डाला है। महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाई जाए या 14 को, इसे लेकर संशय है। शास्त्रों के मतों का हवाला देते हुये ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 13 फरवरी को ही व्रत करना और अगले दिन 14 को पारण करना श्रेयस्कर है, जबकि नगर के कई प्रमुख मंदिरों में महाशिवरात्रि केपूजन 13 की आधी रात से 14 फरवरी को दिन भर चलेंगे। 
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गोमतीनगर के ज्योतिषाचार्य प्रदीप के मुताबिक, 13 फरवरी मंगलवार को रात 10:32 बजे से चतुर्दशी का मान शुरू हो जाएगा, यह 14 की रात 12:26 बजे तक रहेगा। इसी दिन भद्रा-जया का योग भी मिलेगा। बताया कि निर्णय सिंधु-स्कंद पुराण का मत है कि त्रयोदशी केअंत समय में आठवें पहर चतुर्दशी वाले समय में ही व्रत उत्तम है।

दूसरा चतुर्दशी अमावस्या परक हो तो व्रत का पारण अमावस्या में नहीं किया जा सकता है। ऐसे में धर्मशास्त्रों में प्रदोष और अर्द्धरात्रि में व्याप्त चतुर्दशी को ज्यादा महत्व दिया गया है। इसलिए 13 को व्रत करना और 14 को चतुर्दशी में ही पारण करना उत्तम रहेगा, जबकि 14 को व्रत कर 15 को अमावस्या में पारण से बचना चाहिए।
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 कल्याण गिरि मंदिर में 13 को ही पूजन आयोजन होंगे। इसी दिन भूत-प्रेत की रुद्र बारात निकालेगी। शाम को यहां महाआरती के बाद फूलों से महाशृंगार होगा। दिर केमहंत सुमेर गिरि ने बताया कि इससे पहले 7 से 13 फरवरी तक मंदिर में काशी के कथाव्यास आचार्य डमरू जी महाराज की कथा होगी।

चार दिन तक मनेगा मनकामेश्वर मंदिर में पर्व

मनकामेश्वर मंदिर में चार दिन मनेगा पर्व - फोटो : amarujala
काशी मत के अनुसार, 13 को महाशिवरात्रि पूजन होंगे। एक किमी. लंबी भूत प्रेत की बारात निकाली जाएगी। चौक के कोनेश्वर मंदिर के विनोद खन्ना के मुताबिक, मंदिर में 14 को पूजन शृंगार और जप होंगे। महाकाल मंदिर राजेन्द्रनगर के व्यवस्थापक भक्त अतुल मिश्रा ने बताया कि पूजन 14 को रहेंगे।

डालीगंज के मनकामेश्वर मठ मंदिर में इस बार चार दिन तक महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। रविवार को पर्व के पहले दिन 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे बच्चों के लिए ‘हम शिव के शिव हमारे’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता होगी। महिलाओं के लिए पार्थिव शिवलिंग बनाने की प्रतिस्पर्धा होगी।

12 फरवरी को मंदिर प्रांगण में महामृत्युंजय पाठ, सांध्यकालीन आरती के बाद प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित होंगे। 13 फरवरी को प्रदोष व्रत पर रात 8 बजे आरती होगी। शिवरात्रि पर 14 फरवरी को सुबह तीन बजे भस्म आरती और गोमा से महाभिषेक किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए मठ की महंत देव्यागिरि ने बताया कि शिवरात्रि को लेकर मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं।

151 लीटर आदि गंगा के जल से 14 फरवरी को शिवरात्रि को महाभिषेक होगा। बताया, इस बार 13 फरवरी की रात से ही चतुदर्शी लग रही है इसलिए रात दो बजे से ही मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। मां चंद्रिका देवी मंदिर के पास से लाया गया  गोमती का जल वितरित किया जाएगा। 14 फरवरी शाम को भजन संध्या होगी। इसमें ध्रुव, पूजा, रघुराज भजनांजलि पेश करेंगे। प्रसाद वितरण होगा।
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कोरी समाज 13 को मनाएंगे

बाराबंकी के लिए रवाना होते कांवरियों के जत्थे - फोटो : amarujala
शिवालय सेवा एवं प्रबंधन समिति की बैठक समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता की अगुवाई में रविवार को हुई। समिति के अध्यक्ष राजेश चन्द्र अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाई जाएगी। उससे पहले 12 फरवरी की रात 2:30 बजे से 16 परिवारों द्वारा महारुद्राभिषेक शुरू होगा, जो 13 की भोर सुबह छह बजे तक चलेगा।

सुबह छह बजे के बाद मंदिर पूजन व दर्शन के लिए खुला रहेगा। शाम 5:30 बजे महाआरती होगी और भोलेनाथ को छप्पन भोग चढ़ेगा। अंत में भजन संध्या होगी जिसमें लखनऊ के मशहूर भजन गायक किशोर चतुर्वेदी भजनों की गंगा बहाएंगे। वहीं कोरी समाज समिति उत्तर प्रदेश की ओर से महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाई जाएगी।

रविवार को हुई बैठक में समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार तंतुआ ने बताया कि कोरी समाज की ओर से कोरी समाज पंचायती ‌ शिव मंदिर पंखाघाट पर महाशिवरात्रि 13 को मनाई जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन होंगे। भज्य संध्या प्रसाद वितरण होगा। इस बार महाशिवरात्रि 14 फरवरी को है और इसी दिन वैलेंटाइन-डे भी मनाया जाता है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोग अपनी-अपनी तरह से राय रख रहे हैं। इसे लेकर हंसी और ठहाकों का दौर भी शुरू हो गया है जिसे लोग खूब शेयर कर रहे हैं। 
 
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