कोरोना संक्रमण को देखते हुए यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटर के पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत तक की कटौती की है। इसको लेकर कुछ विषयों के शिक्षकों में भ्रम की स्थिति भी पैदा हो गई है। भौतिक विज्ञान में जहां 8 प्रैक्टिकल करने को कहा गया है, वहीं पाठ्यक्रम में केवल पांच ही दिए गए हैं। ऐसे में शिक्षक और छात्र दोनों ही भ्रमित हैं।
यूपी बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम कम करने के बाद कुछ विषयों को लेकर शिक्षकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। पाठ्यक्रम में जो अंश हटाए गए हैं और जो परीक्षा में पूछा जाएगा, यह दोनों ही मेल नहीं खा रहे। भौतिक विज्ञान के शिक्षक ऐसी ही गड़बड़ी से भ्रम की स्थिति में आ गए हैं। परीक्षा में आठ प्रैक्टिकल पूछे जाएंगे जबकि जो नया पाठ्यक्रम दिया गया है उसमें केवल पांच प्रैक्टिकल के बारे में ही जानकारी दी गई है।
अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि जब शिक्षक खुद भ्रमित हैं तो वे छात्रों को कैसे पढ़ा पाएंगे। उन्होंने बताया कि भौतिक विज्ञान के प्रैक्टिकल परीक्षा में दो खंड होते हैं। नए पाठ्यक्रम के अनुसार हर खंड से 4-4 प्रैक्टिकल पूछे जाएंगे। कुल आठ प्रश्न छात्रों को करने होंगे।
उन्होंने बताया कि खंड क में एक ही प्रैक्टिकल पूछा गया है, जबकि खंड ख में चार प्रैक्टिकल पूछे गए हैं। ऐसे में दोनों मिलाकर छात्रों को पांच प्रैक्टिकल ही करने होंगे, लेकिन नए पाठ्यक्रम में आठ प्रैक्टिकल के प्रश्न करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में शिक्षकों को समझ में नहीं आ रहा है कि बाकी तीन प्रैक्टिकल कौन सा पढ़ाए, जबकि पाठ्यक्रम में से प्रैक्टिकल के बाकी टॉपिक हटा दिए गए है। उन्होंने बताया कि खंड क में 9 और खंड ख में 6 प्रैक्टिकल हटा दिए गए हैं।