दुबग्गा सिटी बस डिपो में प्रदर्शन करते कंडक्टर व ड्राइवर।
लखनऊ। दुबग्गा सिटी बस डिपो में 2021 से पहले भर्ती 170 संविदा कंडक्टरों की ड्यूटी रोकने के विरोध में बृहस्पतिवार को ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल पर चले गए। इससे सिटी ट्रांसपोर्ट की 40 इलेक्ट्रिक बसें डिपो में खड़ी रहीं। इससे करीब पांच हजार यात्रियों को परेशानी हुई। हालांकि, शाम को कर्मचारी प्रतिनिधियों और सिटी बस प्रबंधन के अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद छह बिंदुओं पर सहमति बनी। इसके बाद कंडक्टर ड्यूटी पर लौट आए और बसों का संचालन बहाल कर दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि दुबग्गा डिपो में तैनात अधिकारियों की मनमानी से 2021 से पहले संविदा पर भर्ती किए गए कंडक्टरों की ड्यूटी बिना किसी स्पष्ट आदेश के रोक दी गई थी। इससे नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। दुबग्गा डिपो से सिटी ट्रांसपोर्ट की 40 ई बसों का संचालन प्रभावित हुआ, जबकि निजी कंपनी पीएमआई की 75 बसें चलती रहीं।
देर शाम कर्मचारी प्रतिनिधियों राजकमल सिंह, कमलाकांत त्रिपाठी, ओमप्रकाश यादव और सूर्यभान पटेल की सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक डीके गर्ग के साथ वार्ता हुई। इसमें तय हुआ कि 2021 से पहले भर्ती संविदा परिचालक रोडवेज में समायोजन के आदेश तक ड्यूटी करते रहेंगे।
इन बिंदुओं पर सहमति बनी
ई बस संचालन बाधित होने के कारण कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके अलावा उत्कृष्ट-उत्तम योजना का लाभ किलोमीटर संचालन और कर्मियों की संख्या के आधार पर तय करने, बस के ब्रेकडाउन होने पर शेष किलोमीटर के संबंध में मंडलायुक्त के आदेश को लागू करने और रोजाना संचालित इलेक्ट्रिक बसों की आय व प्रतिफलों की साप्ताहिक समीक्षा पर सहमति बनी। पांच बिंदुओं पर दो सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर उच्च प्रबंधन को भेजा जाएगा।
वर्ष 2021 से पहले संविदा पर भर्ती किए गए सिटी बस ड्राइवर और कंडक्टर परिवहन निगम में ट्रांसफर की मांग को लेकर हड़ताल पर गए थे। कर्मचारी यूनियनों से वार्ता हुई। छह बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद ई बसों का संचालन शुरू करा दिया गया।
-डीके गर्ग, एआरएम, दुबग्गा बस डिपो