स्वास्थ्य सेवाओं के सूचकांक में राजधानी लखनऊ फिसड्डी साबित हुआ है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने 2016-17 की जिलों की जो रैंकिंग जारी की है उसमें ये खुलासा हुआ है। अप्रैल 2016 से मार्च 2017 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न मापदंडों में लखनऊ कभी भी आगे नहीं रहा।
जबकि ललितपुर, कन्नौज, सहारनपुर, एटा, हरदोई, झांसी, शामली, संतकबीर नगर में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार अच्छा प्रदर्शन हुआ। राजधानी की ये स्थिति सिर्फ 2016-17 में ही नहीं रही। वित्तीय वर्ष 2015-16 में भी यहां की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल रहा। अप्रैल 2015 में तो लखनऊ खराब प्रदर्शन करके सबसे निचले पायदान पर रहा।
स्वास्थ्य सेवाओं में प्रदर्शन के आधार पर राजधानी का अधिकतम स्कोर 79 से 95 के बीच ही रहा। मार्च 2017 में 75 जिलों में लखनऊ 79 अंक लेकर 66वें स्थान पर रहा, जबकि टॉप फाइव में ललितपुर 116 अंक, कन्नौज 113 अंक, सहारनपुर और एटा ने 109-109 अंक, हरदोई, झांसी, शामली, संतकबीर नगर ने 108-108 अंक अर्जित किए थे। वहीं वित्तीय वर्ष में सबसे खराब प्रदर्शन वाले जिले कानपुर देहात, बिजनौर, बांदा, चंदौली आदि रहे। इनमें कानपुर देहात ने 73, चंदौली ने 74, बिजनौर ने 66 अंक ही पाए।
सबसे बेहतर स्थिति
ललितपुरर-- 116 अंक
कन्नौज-- 113 अंक
सहारनपुर-- 109 अंक
एटा--109 अंक
(हरदोई, झांसी, शामली, संतकबीर नगर को 108-108 अंक। 75 जिलों में लखनऊ 79 अंक लेकर 66वें स्थान पर रहा।)