लखनऊ में धरने पर बैठी कंप्यूटर अनुदेशक की मंगलवार रात इलाज डेंगू से मौत हो गई। मौत पर गुस्साए साथियों ने उसकी लाश रखकर बवाल किया और परिवार को सहायता राशि देने की मांग की। शाम को परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने किरण सिंह को परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही कंप्यूटर अनुदेशकों को समायोजन के संबंध में मुख्यमंत्री से बात करने का भी आश्वासन दिया।
रविदास मेहरोत्रा ने 24 घंटे के अंदर किरण सिंह की मौत के कारणों की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान अगर कोई लापरवाही सामने आई तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के लक्ष्मण मैदान में 22 अगस्त से माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है।
इस धरने के दौरान मलिहाबाद थाने के खड़ौहा की रहने वाली किरण सिंह की मौत हो गई। वह जनता इंटर कॉलेज मलिहाबाद में तैनात थीं। परिजनों ने बताया कि किरण सिंह को डेंगू हुआ था और इलाज के दौरान मंगलवार रात बलराम अस्पताल में उनकी मौत हो गई। हालांकि रविदास मेहरोत्रा और डॉक्टरों का कहना है कि किरण सिंह को डेंगू नहीं था और उनकी प्लेटलेट्स 1.92 लाख थीं।
वहीं बताया जा रहा है कि धरना दे रहे कई अनुदेशकों को डेंगू हुआ है। किरण सिंह की मौत से गुस्साए अनुदेशकों और उनके परिजनों ने उनका शव रखकर प्रदर्शन किया और सरकार से 50 लाख रुपये सहायता देने की मांग की थी।