प्रमुख सचिव ने बताया कि सरकार ने वर्ल्ड बैंक से प्रोजेक्ट लिया है। भारत सरकार ने इसे अप्रूव कर दिया है। यह प्रोजेक्ट 4000 करोड़ रुपये का है। इसमें राज्य सरकार का 25 फीसदी हिस्सा है। इसमें जो कार्यक्रम आएंगे, उसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण व व्यावसायिक विकास, आंगनबाड़ी केंद्र को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करना, विद्यालयों में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट क्लास का प्रावधान करना, डिजिटल डिवाइस, पुस्तकालय की अवस्थापना करना व स्टेट असेसमेंट सेल बनाना शामिल होगा। इसके अलावा निपुण भारत कार्यक्रम को सहयोग देना, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट डायट जैसे संस्थान को आईसीटी युक्त करना और शिक्षकों का प्रशिक्षण बेहतर देना भी इसमें शामिल है।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए चल रही कवायद
मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि कैशलेस चकित्सा सुविधा से छह लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों को लाभ देने की योजना पर काम चल रहा है। ई निविदा प्रकाशित की गई है। तीन, पांच, सात व दस लाख रुपये की धनराशि की बीमा दरें मांगी गई हैं।