लखनऊ। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज में कई माह से चला आ रहा दवाओं का संकट एक हफ्ते में दूर होगा। शासन से दवाओं के लिए मिले बजट से दवाओं की खरीद हो गई है। हालांकि, कच्ची दवाओं को पिसवाने के लिए भेजा गया है।
राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय की ओपीडी में हर दिन करीब 600-700 मरीज आते हैं। मरीजों ने यहां दवाओं की कमी की शिकायत की थी, जिसके बाद शासन ने 17 लाख रुपये का बजट जारी किया था। कॉलेज की आरसी में 40 तरह की दवाएं हैं। इसमें महज 15-20 तरह की दवाएं ही उपलब्ध हैं। प्राचार्य डॉ. दिनेश कुमार मौर्य का कहना है कि कुछ दवाएं आयुष से भी आ गई हैं। करीब 20 तरह की कच्ची दवा पिसने के लिए भेजी गई है, जो आगामी एक हफ्ते के भीतर कॉलेज में आ जाएंगी।