लखनऊ। केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग के पीछे करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से बनी पांच मंजिला हाइड्रोलिक पार्किंग को दोबारा चालू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके खराब उपकरणों की मरम्मत के लिए केजीएमयू प्रशासन ने 20 लाख रुपये की निविदा निकाली है।
वर्ष 2018 में डॉक्टरों और स्टाफ के वाहनों के लिए बनी इस मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन के बाद एक बार भी प्रयोग नहीं किया गया। लंबे समय तक बंद रहने के कारण इसकी हाइड्रोलिक मशीनें और अन्य उपकरण खराब हो गए है। इस गंभीर लापरवाही को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया।
लारी कार्डियोलॉजी में रोजाना 400 से अधिक मरीज आते हैं। परिसर के भीतर पार्किंग न होने के कारण वाहन मुख्य सड़क पर खड़े किए जाते हैं, जिससे शाहमीना रोड पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। 80 गाड़ियों की क्षमता वाली इस पार्किंग के शुरू होने से सड़क पर दबाव कम होगा।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि हाइड्रोलिक पार्किंग के उपकरणों को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मरम्मत पूरी होते ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा।