लखनऊ। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी के नाम से फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बिजनौर में तैनात अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सारस्वत के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत करने का मामला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद मंगलवार को हजरतगंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कराया गया है।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि एमएलसी के नाम पर फर्जी लेटर पैड तैयार किया गया था, जिस पर उनके नकली हस्ताक्षर बनाए गए थे। इस पत्र के माध्यम से 20 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा गया था। इसमें बिजनौर निर्माण खंड-2 में तैनात अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सारस्वत पर संतोषजनक कार्य न करने का आरोप लगाया गया था।
शासन स्तर पर जांच करने पर लेटर पैड और हस्ताक्षर फर्जी मिले। गृह विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी मध्य को जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया।
इसके बाद, हजरतगंज थाने में तैनात दरोगा शशिकांत सिंह की तहरीर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। जांच में यह भी पता चला है कि एमएलसी के नाम से की गई यह फर्जी शिकायत सांसद और विधायक प्रकोष्ठ में भेजी गई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिकायत पत्र किस माध्यम से प्रकोष्ठ तक पहुंचाया गया।
एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया कि एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी की छवि को धूमिल करने के इरादे से उनके लेटर पैड को स्कैन कर यह झूठी शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी।