भूमि अधिग्रहण में किसानों को सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा देने की मांग पर सरकार से स्पष्ट आश्वासन न मिलने पर बसपा ने बुधवार को विधानसभा से वॉकआउट किया।
बसपा के डॉ. धर्मपाल सिंह ने पूछा कि केंद्र सरकार द्वारा 2013 में बनाए गए भूमि अधिग्रहण कानून को प्रदेश में कब तक लागू किया जाएगा।
उन्होंने जानना चाहा कि आगरा में चार प्रोजेक्टों के लिए भूमि अधिग्रहण में क्या किसानों को सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा दिया जाएगा।
बसपा नेता ने सरकार को वो वादे भी याद दिलाए जो सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किए थे।
शिवपाल सिंह ने बनाया बहाना
बसपा के ही इंद्रजीत सरोज ने पूछा कि क्या एक जनवरी 2014 से पहले अधिगृहीत भूमि पर भी नई अधिग्रहण नीति लागू की जाएगी।
जवाब में राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में भूमि अधिग्रहण कानून को एक जनवरी 2014 से लागू करने का फैसला किया गया है।
इसकी नियमावली तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट आते ही नियमावली तैयार हो जाएगी।
किसानों को धोखा दे रही है सरकार
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने याद दिलाया कि सपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि दो फसलों वाली भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
यदि अपरिहार्य परिस्थितियों में जमीन अधिगृहीत करनी पड़ी तो सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने राजस्व मंत्री से पूछा कि क्या नियमावली बनाते समय किसानों को सर्किल रेट से छह गुना मुआवजा देने की व्यवस्था की जाएगी?
इस पर शिवपाल यादव ने सीधे तौर पर जवाब देने के बजाय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विचार करने की बात कही।
मौर्य ने कहा कि सरकार किसानों को धोखा दे रही है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट बसपा सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।