घटिया पैकेजिंग में मिक्स नमकीन और स्मार्ट च्वाइस ब्रांड काजू बेचने पर स्पेंसर के कानपुर रोड स्थित स्टोर पर ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक महीने में जुर्माना राशि जमा न करने पर स्टोर के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी।
एफएसडीए की टीम ने 25 अक्तूबर 2013 को एलडीए कानपुर रोड सेक्टर आई के अनुराग प्लाजा स्थित स्पेंसर रिटेल स्टोर की जांच की थी। इस दौरान स्मार्ट च्वाइस काजू व देसी फूडीज (नमकीन मिक्चर) के नमूने लैब जांच के लिए भेजे गये थे।
वाराणसी में हुई जांच के बाद दोनों ही नमूने पैकेजिंग एंड लेवलिंग एक्ट रेग्युलेशन 2011 के तहत (निगेटिव) पाया गया। इस मामले में एडीएम सिटी पूर्वी व एफएसडीए द्वारा नामित न्याय निर्णायक अधिकारी निधि श्रीवास्तव की कोर्ट में विक्रेता अजय कुमार सिंह व स्टोर के नामिनी राजीव जोशी को दंडित करने की मांग की गयी थी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से दाखिल मुकदमे का निस्तारण करते हुए दोनों नमूनों पर सवा-सवा लाख रुपये के हिसाब से ढाई लाख का जुर्माना लगाया है।
दो साल की सुनवायी के बाद छूटा सेल्समैन
दो साल तक चली सुनवायी में सेल्समैन अजय कुमार ने खुद को निर्दोष बताया। उसका तर्क था कि वह सिर्फ सेल्समैन है। स्टोर में किस सप्लायर द्वारा किस गुणवत्ता की पैकेजिंग का समान भेजा जाता है इसमें उसका कुछ लेना-देना नहीं है।
यह निर्णय स्टोर के नामिनी राजीव जोशी के स्तर पर होता है। कोर्ट ने इस अपील को स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण कर राजीव जोशी के खिलाफ एफएसडीए एक्ट 2006 के तहत 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
स्मॉल लेटर में लिखे थे निर्देश
पैकेजिंग एंड लेवलिंग एक्ट रेग्युलेशन 2011 में लिखा है कि किसी भी पैक्ड खाद्य सामग्री के पैकेट पर निर्माता का नाम, ग्रीन बैच सिम्बल, बैच नंबर, नेट-वेट, बेस्ट बिफोर यूज, पैकेजिंग डेट, निर्माता व पैकेजिंग करने वाले का पूरा पता बोल्ड लेटर में लिखा जाना चाहिए। स्पेंसर से लिए गये इन नमूनों में यह जानकारी अंग्रेजी के स्मॉल लेटर में दर्ज थी।