मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भी अपने सरकारी आवास पर बड़ी संख्या में आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों से फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याओं के निस्तारण में रुचि लेकर काम करें।
इस दौरान सीएम को समस्या सुनाने आए लोगों में पहले जाने को लेकर धक्का मुक्की हुई और मौके पर अफरातफरी फैल गई। हालांकि बाद में स्थिति पर काबू पा लिया गया।
इस मौके पर लखनऊ से आई आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से स्कूल द्वारा टीसी न दिए जाने की शिकायत करते हुए सहायता का अनुरोध किया। मेरठ से आई सीमा ने मुख्यमंत्री से अपनी जमीन की वरासत दर्ज कराए जाने का अनुरोध किया। मिर्जापुर से आए रमेश ने कैंसर के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का निवेदन किया।
मुख्यमंत्री ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंगलवार को मिले प्रार्थना पत्रों में लोगों ने आर्थिक सहायता, आवास आवंटन, पेयजल, अवैध कब्जे, पेंशन, राजस्व, भू-अभिलेखों में अनियमितता, शादी अनुदान, फर्जी मुकदमे, नौकरी, इलाज आदि से संबंधित समस्याओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को ध्यानपूर्वक सुना और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।