प्रवेंद्र गुप्ता
लखनऊ। नगर निगम में निर्माण कार्यों में कमीशनबाजी का खेल सामने आया है। एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें पार्षद और ठेकेदार के बीच विवाद हो रहा है। कम कमीशन मिलने से नाराज पार्षद ठेकेदार को धमका रहे हैं। गालियां दे रहे हैं। ऑडियो फैजुल्लागंज चतुर्थ वार्ड के पार्षद रामूदास और ठेकेदार दिनेश का बताया जा रहा है। हालांकि अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता।
वायरल ऑडियो में 28 लाख रुपये के काम का टेंडर देने के बदले कम कमीशन देने पर पार्षद गालियां देते हुए ठेकेदार को धमका रहे हैं। इसमें नगर निगम जोन तीन अभियंत्रण विभाग के सुपरवाइजर मंशाराम के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। इस खेल में इंजीनियर, ठेकेदार ही नहीं, बल्कि नगर निगम से जुड़े नेता व अफसर भी शामिल हैं। जानकारों ने बताया कि 30 प्रतिशत कमीशन के बाद करीब 20 प्रतिशत फायदा ठेकेदार लेता है। जो बजट किसी काम के लिए पास होता है उसमें आधा ही काम पर खर्च होता है।
30 प्रतिशत तक चलता है कमीशन
नगर निगम में निर्माण कार्यों में करीब 30 प्रतिशत तक कमीशन चलता है। यह सभी जानते हैं। चूंकि, यह व्यवस्था भ्रष्टाचार के गठजोड़ की है। इसका रिकॉर्ड नहीं होता, पर लेन-देन में विवाद होने पर कमीशनखोरी के खेल से पर्दा उठ जाता है। पहले भी ऐसा हो चुका है, अब फिर एक बार हुआ है।
फाइल बनते ही शुरू हो जाता है खेल
नगर निगम अभियंत्रण विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कमीशन के खेल की शुरुआत एस्टीमेट बनाने वाले सुपरवाइजर से होती है, जो लेखा विभाग में भुगतान होने तक जारी रहती है। विकास के लिए मंजूर हुए धन में से 30 प्रतिशत तो कमीशन में ही बंट जाता है। कमीशन देने में ठेकेदार को समस्या होती है, इसलिए पहले से ही एस्टीमेट बढ़ाकर बनाया जाता है।
ऐसे चलता है कमीशन का खेल
इंजीनियरों में चार लेवल में किसका कितना कमीशन
लेवन वन-02
लेवल टू-03
लेवल थ्री-02
लेवल फोर-05
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लेखा-जोखा में दो लेवल
लेवल वन अफसर -1.50 प्रतिशत
बजट की सील लगाने वाले - 01 प्रतिशत
-
अन्य
टेंडर तैयार करने वाला बाबू-01 प्रतिशत
सपुरवाइजर व अन्य-1.50 प्रतिशत
-
एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल
लेवल वन- 00
लेवल टू-01 प्रतिशत
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पॉलिटिकल के दो लेवल
लेवल वन-02 प्रतिशत
लेवल टू-10 प्रतिशत
नोट : कमीशन की दर प्रतिशत में, यह दरें सूत्रों से मिली जानकारी पर हैं।
ये साजिश है...
ऑडियो सही नहीं है। कुछ लोगों ने साजिश कर उसे वायरल किया है।
रामूदास, पार्षद फैजुल्लागंज, चतुर्थ वार्ड
कार्रवाई होगी
मैं दिल्ली में हूं, मामले की जानकारी नहीं है। पार्षद व ठेकेदार के बीच विवाद को लेकर क्या ऑडियो वायरल हुआ है, इसका पता किया जाएगा। इसमें जिसकी गलती होगी, उस पर कार्रवाई होगी। सरकार की नीति पारदर्शी व्यवस्था की है। कोई गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
सुषमा खर्कवाल, महापौर