वाणिज्यकर विभाग ने लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, सीतापुर, कानपुर, बरेली, पीलीभीत और गाजियाबाद में फर्जी इनवाइस के जरिये टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया है। मंगलवार से बृहस्पतिवार तक चली जांच में आयरन, स्टील और सीमेंट के डीलरों के यहां बड़े पैमाने पर बिना बिल बाउचर के माल मंगाने और भेजने का मामला सामने आया है। फिलहाल टैक्स चोरी के वास्तविक धनराशि का आकलन किया जा रहा है। वहीं, अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 400 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला है।
वाणिज्य कर आयुक्त अमृता सोनी को शिकायत मिली थी कि कुछ जिलों में आयरन, स्टील व सीमेंट के डीलरों द्वारा माल मंगाए बिना ही फर्जी इनवाइस जारी करने का खेल चल रहा है। इस पर आयुक्त ने इंवेस्टिगेशन एंड मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी एडिशनल कमिश्नर पीके यादव को इसकी जांच कराने का निर्देश दिया। इसके बाद यादव ने विशेष अनुसंधान शाखा के 12 जाइंट कमिश्नरों की टीम बनाकर संबंधित जिलों में जांच के लिए भेजा।
यादव ने बताया कि इस टीम ने संबंधित जिलों में आयरन, स्टील व सीमेंट के कई डीलरों के प्रतिष्ठानों की जांच की। इसमें विभिन्न बड़े पैमाने फर्जी इनवाइस जारी करने का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि ये फर्म बिना माल मंगाए ही फर्जी इनवाइस जारी कर आईटीसी का लाभ ले रहे थे। यह खेल काफी दिनों से चल रहा था। सभी फर्मों के दस्तावेज की जांच की जा रही है। अब तक कितने रुपये की टैक्स चोरी हुई है, इसका वास्तविक आंकड़ा कराया जा रहा है। हालांकि आशंका है कि यह मामला करीब 400 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी का है।