राजधानी में मतदाता पुनरीक्षण अभियान की कलई ऐन चुनाव के समय खुलने लगी।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पंद्रह दिन पहले प्रकाशित अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची में खामियों की झड़ी लग गई थी। उसके बाद शिकायतों से निर्वाचन कार्यालय पट गए।
आयोग ने टास्क फोर्स बनाकर गलतियां सुधारने के निर्देश दिए थे। पर नतीजा ढाक के तीन पात की तरह सामने आया।
हालांकि इन सबके बीच वोटर कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को 12 अप्रैल से रंगीन वोटर कार्ड बांटा जाएगा। राजधानी में मतदाताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए चुनाव आयोग की पहल पर मतदाता चौपाल लगाई गई थी।
इसमें 73,327 लोगों ने वोटर कार्ड के लिए आवेदन किया था। जबकि 30, 227 लोगों के फॉर्म औपचारिकताएं पूरी न होने की वजह से जमा नहीं हो पाए थे।
इन आवेदकों को 30 मार्च को लगने वाली दूसरी मतदाता चौपाल में नाम जोड़कर सूची और कार्ड उपलब्ध कराए जाने थे, पर यह चौपाल निरस्त कर दी गई।
दूसरी ओर अपर जिलाधिकारी प्रशासन आरके पांडे ने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय, बीआसी व चौपाल में जमा हुए फॉर्म के वोटर आई कार्ड का घर-घर वितरण 12 अप्रैल से शुरू करवाया जाएगा।
सभी बीएलओ अपने क्षेत्र के मतदाताओं को कार्ड देंगे। जिसका बाद में एक टीम वेरीफिकेशन भी करेगी। इसी के साथ वोटर लिस्ट में भी उनके नाम दर्ज होने की पुष्टि की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान कई बार सूची का डिसप्ले मतदान केंद्रों पर करवाया गया था।
इसमें आई आपत्तियों के आधार पर अंतिम सूची प्रकाशित होने से पहले संशोधन करवा दिए गए थे। जो आपत्तियां व शिकायतें बाद में मिली हैं उनमें भी संशोधन का काम प्रमुखता से करवाया जा रहा है।