पिछले तीन साल से परास्नातक स्तर पर विद्यार्थियों की पहली पसंद बने राजनीतिशास्त्र की पढ़ाई अब लविवि परिसर के बाहर भी होगी। अभी तक लविवि से सहयुक्त किसी भी कॉलेज में परास्नातक स्तर पर राजनीति शास्त्र की पढ़ाई नहीं होती है। पिछले तीन साल में कला संकाय में सबसे ज्यादा मारामारी राजनीति शास्त्र में ही रही है। इसको देखते हुए अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज ने एमए राजनीति शास्त्र पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। महाविद्यालय में इसके साथ ही एमकॉम के लिए भी आवेदन किया है।
देश में राजनीति शास्त्र की पढ़ाई सबसे पहले लखनऊ विश्वविद्यालय में ही हुई थी। इतने लंबे समय तक परिसर में ही इसकी पढ़ाई हो रही है। नगर निगम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित महाविद्यालय में सभी पाठ्यक्रमों की फीस बेहद कम है। महाविद्यालय में कला संकाय के तहत स्नातक स्तर पर 160 सीटें हिंदी साहित्य, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, उर्दू, शिक्षा शास्त्र, इतिहास, प्राचीन इतिहास, राजनीति शास्त्र, अरब कल्चर विषयों के साथ हैं। इसके साथ वाणिज्य संकाय में 80 सीटें उपलब्ध हैं।
स्थायी सहयुक्तता की वजह से रुकी थी मान्यता
लविवि के नियमों की वजह से बगैर स्थायी मान्यता के नए पाठ्यक्रमों की मान्यता नहीं दी जाती है। कॉलेज की स्थापना वर्ष 2003 में की गई। जुलाई 2003 से जून 2010 तक महाविद्यालय अमीनाबाद इंटर कॉलेज परिसर में संचालित हुआ। जुलाई 2010 में इसे अपने निजी भवन सुरेंद्र नगर (इस्माइलगंज) फैजाबाद रोड पर स्थानांतरित किया गया। अगस्त 2018 में कॉलेज का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ‘अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कालेज’ कर दिया गया है। इसके बावजूद अभी तक यहां स्थायी प्राचार्य नहीं था। इस साल यहां स्थायी प्राचार्य नियुक्त हो गया है। इसके बाद यहां नए पाठ्यक्रमों की मान्यता का रास्ता साफ हो गया है।
सिविल सेवा में है काफी मांग
राजनीतिशास्त्र विषय इस समय सिविल सेवा में काफी पसंद किया जा रहा है। इसके साथ परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत काफी अच्छा है। इसी वजह से विद्यार्थियों में राजनीति शास्त्र विषय लेने का काफी उत्साह रहता है।
राजनीतिशास्त्र विषय इस समय विद्यार्थियों में काफी पसंद किया जा रहा है। इसलिए महाविद्यालय में राजनीति शास्त्र की पढ़ाई शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। एमकॉम की पढ़ाई भी इसी के साथ शुरू की जाएगी।
डॉ. सुभाष चंद्र पांडेय, प्राचार्य, अटल बिहारी वाजपेयी नगर निगम डिग्री कॉलेज