दीवानी मामले का फैसला सुनाने वाले तीन जजों की पीठ के सदस्य रहे न्यायमूर्ति धर्मवीर शर्मा का वह आखिरी फैसला था। जन्मभूमि को हिंदू पक्ष को दिए जाने का आदेश 30 सितंबर, 2010 को देने के बाद न्यायमूर्ति शर्मा अगले दिन एक अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो गए। इसी मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सदस्य रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने भी अपना कार्यकाल 17 नवंबर, 2019 को खत्म किया और उसके पहले राम जन्मभूमि को हिंदू पक्ष को देने का अपना अंतिम फैसला सुनाया था।
वहीं ढांचा ध्वंस मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव 30 सितंबर, 2019 को रिटायर हो गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक साल के लिए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। विशेष न्यायधीश ने भी अपने कार्यकाल का आखिरी फैसला ढांचा ध्वंस मामले में दिया।